खुशखबरी: बच्‍चों के लिए आ गया कोरोना टीका जाइकोव-डी, जो है निडिल फ्री वैक्सीन

कोरोना से जंग के बीच देश को एक और हथियार मिल गया है। एक ऐसा हथियार जो तेजी से कोरोना पर वार करेगा। जाइडस केडिला के कोविड टीके जाइकोव-डी को आपातकालीन उपयोग के लिये भारत के औषधि महानियंत्रक से मंजूरी मिल गई है। यह वैक्सीन व्यस्कों के अलावा 12 साल से ज्यादा के उम्र के बच्चों को लगाई जाएगी।

12 साल से बड़े बच्चों को भी लग सकेगी 3 खुराक वाला बिना सुई का टीका

जाइकोव-डी कोरोना वायरस संक्रमणरोधी दुनिया का पहला डीएनए टीका है जिसे भारतीय कंपनी ने विकसित किया है और देश में इस्तेमाल के लिये यह छठा टीका है। इससे पहले सीरम इस्टीच्यूट के कोविशील्ड, भारत बायोटेक के कोवैक्सिन, रूस के स्पूतनिक वी, तथा अमेरिका के मोडर्ना एवं जॉनसन एंड जॉनसन का टीका इस्तेमाल हो रहा है। प्लाज्मिड डीएनए-आधारित जाइकोव-डी, सुई-मुक्त इंजेक्टर का उपयोग करके यह टीका दिया जाता है। इस वैक्‍सीन से न केवल वयस्क लोगों को फायदा होगा बल्कि यह 12 से 18 साल आयु वर्ग के किशोरों के लिये भी प्रभावी होगा। जानकारो की माने तो ये करीब 66 फीसदी असरदार सबित हुआ है कोरोना को हराने में।

कैसे काम करेगा यह वैक्‍सीन?

ये प्‍लाज्‍़मिड डीएनए वैक्‍सीन है। प्‍लाज्‍़मिड इंसानों में पाए जाने वाले डीएनए का एक छोटा सर्कुलर हिस्‍सा होता है। ये वैक्‍सीन इंसानों की बॉडी में सेल्‍स की मदद से कोरोना वायरस का स्‍पाइक प्रोटीन तैयार करता है। इससे बॉडी को कोरोना वायरस के अहम हिस्‍से की पहचान करने में मदद मिलती है। इस प्रकार बॉडी में इस वायरस का डिफेंस तैयार किया जाता है। यह वैक्‍सीन इंसानों की स्किन में दी जाती है। इसे लगवाते समय चुभन जैसा महसूस होती है। इस वैक्‍सीन को लगाने के लिए स्प्रिंग की मदद से तैयार की गई एक डिवाइस का इस्‍तेमाल किया जाएगा और वैक्‍सीन को सीधे त्‍वचा में लगाया जाएगा।

 

कितने-कितने दिन पर दी जाएगी डोज?

इस वैक्‍सीन की टेस्टिंग तीन डोज़ के हिसाब से की गई है। पहली डोज़ के 21 दिन बाद दूसरी डोज़ और तीसरी डोज़ 56 दिन बाद दी जाएगी। सबसे बड़ी बात ये है ये वैक्सीन बच्चो को दी जायेगी जो एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि ऐसा होने से आने वाले दिनो में बच्चों के स्कूल खुलने में कदम बढ़ाया जा सकता है जिससे फिर से पढ़ाई पुराने तरीके से की जा सकती है।

पर इन सब के बीच भारतीय वैज्ञानिकों ने दुनिया में भारत का मान बढ़ाकर रख दिया है। क्योकि भारत ही ऐसा देश है जो कोरोना को हराने के लिए हर दिन कुछ नया कर रहा है और उसमें उसे सफलता मिल रही है।