ऑक्सीजन को लेकर एक अच्छी खबर: सिंगापर से ऑक्सीजन को किया गया एयरलिफ्ट

देश के लोगों की सांस बचाने के लिये केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। पहले देश में ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाकर रेल द्वारा और वायुसेना के जहाज के द्वारा एक राज्य से दूसरे राज्य में एयरलिफ्ट किया तो अब स्थिति में और सुधार लाने के लिये विदेश से भी ऑक्सीजन आयात करने की तैयारी कर ली गई है। जिसके तहत सिंगापुर से 4 ऑक्सीजन कंटनेर को एयरलिफ्ट किया गया है। वही गृह विभाग की माने तो ऑक्सीजन की कमी को पूरी तरह से दूर करने के लिये यूएई से ऑक्सीजन आयात किया जायेगा।

सिंगापुर से आ रही आयात हुई ऑक्सीजन

देश में ऑक्सीजन को लेकर हालात इतने नाजुक हो गये है कि अब भारत सरकार ने सिंगापुर से 4 ऑक्सीजन कंटनेर  वायुसेना के जरिये एयरलिफ्ट करवाया जिसकी कुछ तस्वीरे भी आप के सामने आ चुकी है। गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को वायुसेना के सी17 ग्लोबमास्टर विमान ने हैदराबाद के करीब बेगमपेट एयरबेस से 08 खाली क्रायोजैनिक कंटनर्स को फीलिंग के लिए भुवनेश्वर पहुंचाया। इसके अलावा एक सी17 ने क्रायोजैनिक कंटनेर को इंदौर से जामनगर पहुंचाया। वायुसेना के प्रवक्ता के मुताबिक, एक सी-130 एयरक्राफ्ट से एयरफोर्स की रैपिड एक्शन मेडिकल टीम को जोरहाट (असम) से एयरलिफ्ट कर हिंडन बेस पहुंचाया। इतना ही नही स्थिति को देखते हुए कुछ जगाहो पर सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जिससे लोगों का जीवन बचाया जा सके। इशके लिये सेना ने कई जगह पर अस्पताल बनाये है जिसमे लोगों का इलाज भी शुरू हो गया है।

ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये शनिवार को भी पीएम मोदी ने किया मंथन

पीएम  मोदी ने देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा के लिए बैठक की। उन्होंने इस पर जोर दिया कि मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के साथ घर और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराने की तत्काल आवश्यकता है। जिससे घर में जो मरीज है उनका भी ठीक तरीके से इलाज हो सके। इसके साथ साथ लोगों को जागरूक करने के लिये भी तेजी से अभियान चलाया जाये इस पर भी फोकस किया गया। फिलाहल लगातार ऑक्सीजन की कमी के बीच केंद्र इस आपदा के लिये रणनीति बना रहा है। खुद पीएम मोदी ने राज्यों से कल अपील की थी कि एक राष्ट के रूप में इस आपदा से निपटा जाये तो हम जल्द कोरोना को हरा पायेगे। इसके लिये कोई भी राज्य दूसरे राज्य  की भरपूर मदद करे ना कि उसके ऑक्सीजन के टैंकर को रोके।

फिलहाल इन सब के बीच एक अच्छी खबर ये है कि विदेश से देश में ऑक्सीजन आ रही है तो रेलवे ने कई उन जगाहो पर ऑक्सीजन पहुंचा दिया है जहां स्थिति बहुत गंभीर थी। ऐसे में ये बोला जा सकता है कि विपदा के इस दौर से हम जल्द ही बाहर निकल सकेंगे।