आतंकियों का महिमामंडन: मीडिया का एक जमात जिसे आतंकियों से है प्रेम

कश्मीर से एक बहुत ही सुकून वाली खबर आई। हिज्बुल (Hizbul) का कमांडर और आतंक का बड़ा चेहरा रियाज़ नायाकू (Riyaz Naikoo) मारा गया। सेना की लिस्ट में रियाज नायकू A++ कैटिगरी का आतंकवादी था और उसके सिर पर 12 लाख का इनाम था।

पुलिस अफसरों के परिवार के लोगों का अपहरण, आतंकी के मरने पर बंदूकों से सलामी जैसे चलनों को उसने ही शुरू किया था, जिससे हिज्बुल और खतरनाक होता जा रहा था। अपनी इसी छवि से रियाज़ कश्मीरी (Kashmiri) युवकों के बीच बुरहान वानी के बाद पोस्टर बॉय बन गया और इसी छवि की बदौलत रियाज़ ने दर्जन भर युवकों को हिज्बुल में भर्ती कराया।

रियाज के मारे जाने के बाद फिर एक तबका इस आतंकी का महिमामंडन (Glorify) में लग गया है। यह पहली बार नहीं है जब आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले यह लिबरल ग्रुप किसी आतंकी के बखान में लगे हैं, बल्कि इनकी एक लंबी लिस्ट है।

 

रियाज़ नायाकू-Math Teacher: सेना के हाथों जैसे ही रियाज़ मारा गया मीडिया का एक वर्ग अपने असली चेहरे के साथ सामने आ गया। उसके किए गए कारनामों के जगह ‘गणित शिक्षक’ (Math Teacher) के रूप में उसकी छवि बनाने लगे।

 

बुरहान वानी- Headmaster Son: Burhan Wani को जब हमारे जवानों ने जहन्नुम पहुंचाया, तब भी ऐसा ही रुदन सुनने को मिला था। उसे एक ‘आतंकी’ से ‘हेडमास्टर का अच्छा बेटा’ के रूप में प्रस्तुति उसी का एक हिस्सा था।

 

सबजार अहमद भट्ट-Rejected by Lover’s Family: बुरहान के बाद हिज्बुल का कमान संभालने वाला सबजार भट्ट को जब सुरक्षा बलों ने मार गिराया तो ये दिखाने की कोशिश की गई कि यह आतंकी इसलिए बना क्योंकि इसके प्यार को ठुकरा दिया गया था।

मोहम्मद रफी भट्ट-Humble & Soft Spoken Scholar: हिज्बुल का एक और चेहरा मोहम्मद रफी भट्ट का महिमामंडन करने में कोई कसर नहीं छोड़ा गया। ‘Soft Spoken’, ‘Humble’ और ‘Scholar’ जैसे विशेषण उसके लिए ढूँढे गए।

 

आदिल डार-Cricket Freak & Dhoni Fan: पुलवामा (Pulwama) हमले के मुख्य Suicide Bomber को तो क्रिकेट और धोनी का दीवाना बता कर उसके मुख्य कुकृत्य से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई थी।

 

बगदादी-Religious Scholar: दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी को अगर कोई ‘धार्मिक विद्वान’ (Religious Scholar) कहे तो आपको कैसा लगेगा और अगर उसे फूटबाल का माहिर खिलाड़ी बताया जाए तो?

 

ओसामा बिन लादेन-A Father & A Husband: दुनिया में अगर सबसे खतरनाक आतंकी में किसी का नाम आएगा तो वो लादेन (Osama Bin Laden) होगा लेकिन इसमें भी अच्छाइयों का भंडार खोज लिया गया।

 

खालिद मसूद-A Nice Guy: लंदन में हमला करने वाला खालिद को भी ‘एक अच्छा इंसान’ (Nice Guy) बता दिया गया।

शाहरुख-An Aspiring Model: दिल्ली दंगों का वो चेहरा तो याद होगा आपको जिसने पुलिस पर पिस्टल तान रखा था? अब इसका महिमामंडन से लिबेरल पत्रकार खुद को कैसे रोक सकते थे?

‘आतंकी’ मतलब ‘Activist’ या ‘Worker’ : आतंकियों के महिमामंडन का एक और तरीका है, उसे आतंकी बोलेंगे ही नहीं। उसे ‘Activist’ या ‘Worker’ बना देंगे

 

मारे गए आतंकियों के बखान कहीं ना कहीं युवाओं को आतंक के तरफ मोड़ने आतंकियों को मदद मिल जाती है और वो यही तो चाहते हैं। फिर चंद मुट्ठी भर लोग क्यों उन्हें इस तरह मदद कर रहे हैं? क्या मानवीय पहलू और मानवाधिकार सिर्फ आतंकियों के होते हैं, फिर उनका क्या जिनकी वो हत्या बेरहमी से करते हैं? क्या शहीद हुए हमारे जवानों का ऐसी कोई मानवीय कहानी नहीं होता जिसका बखान किया जाए? इन सबका जवाब वो शायद नहीं देंगे, लेकिन इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ता है।