40 करोड़ कामगारों और मजदूरों को मोदी सरकार की सौगात

Labour Laws | PC: News18

MODI 2.0 अब तक देश के कई वर्गों की भलाई के लिए योजनायें तैयार कर चुकी है, और तेज गति से इन योजनाओं पर अमल करने की कवायद जारी है| अब मोदी सरकार ने देश के मजदूरों के हित में एक बड़ा फैसला किया है| हाल ही में MODI 2.0 की कैबिनेट ने “कोड ऑफ़ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन बिल, 2019” को मंजूरी दी है जिसके तहत 40 करोड़ से भी अधिक कामगारों को लाभ मिलेगा|

अपने पहले बज़ट में ही निर्मला सीतारमण ने हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ रखा था, जिस से समाज में समुचित रूप से हर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले|

आइये जानते है क्या है कोड ऑफ़ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन बिल, 2019

मोदी सरकार ने इस बिल को मजदूरों और कर्मचारियों की परेशानियों को ध्यान में रखकर तैयार किया है| इस बिल के अंतर्गत मजदूरों की न्यूतम दिहाड़ी, यानि प्रतिदिन का मेहनताना न्यूनतम 178 रुपये तय किया गया है| यानि अब मजदूरों को किसी भी राज्य में 178 रुपये से कम दिहाड़ी नहीं दी जाएगी| सरकार ने ये भी कहा है कि अगर कोई राज्य अपने मजदूरों को इससे ज्यादा दिहाड़ी देना चाहता है तो ये उनका अपना फैसला होगा, केंद्र सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है|

इस बिल के अनुसार अब मजदूरों को हर महीने वेतन देने के लिए एक निश्चित तारीख तय होगी और इस दिन तक किसी भी हाल में मजदूरों को उनका वेतन दे देना होगा|

बिल में सरकार ने मजदूरों और कर्मचारियों के बच्चों को मद्देनज़र रखते हुए सभी कंपनियों को निर्देश दिए है कि वो बच्चों के लिए क्रेच, कैंटीन इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध करवाए| सरकार ने कंपनियों को उनके कर्मचारियों के लिए मुफ्त हेल्थ चेकअप की सुविधा भी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं|

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बिल में उनके वर्किंग ऑवर को निश्चित किया है| बिल के अनुसार महिलाओ की वर्किंग ऑवर सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक होगी| नाईट शिफ्ट में महिलाएं काम करेंगी या नहीं, ये उनका अपना फैसला होगा, उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता|

बिल के मुताबिक अगर कोई कंपनी अपने महिला कर्मचारी के वर्किंग ऑवर को शाम 7 बजे से आगे बढाती है तो उनकी की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से कंपनी की होगी|

ये बिल 10 कर्मचारियों से ज्यादा वाली कंपनी पर लागू होगा

इस बिल के अंतर्गत वो कंपनियां आएँगी जिनमे कर्मचारियों की संख्या 10 या उससे अधिक होगी| सूत्रों के मुताबिक 13 श्रम कानूनों को खत्म करके सिर्फ एक कानून वाले इस बिल को तैयार किया गया है| सरकार ने मजदूरों और कामगारों की परेशानी के हर पहलु को ध्यान में रखते हुए इस बिल के जरिये उनकी परेशानियों को हल करने की कोशिश की है|