सवर्ण आरक्षणः अगर लेना है लाभ तो होने चाहिए ये कागजात

अगड़ी जाति को आरक्षण देने के ऐलान के बाद देश की सियासत मे एक तरह से तूफान आ गया है। जहां विपक्ष इसे मोदी सरकार की चाल बता रही है तो बीजेपी के नेता ये खुलकर कहते नजर आ रहे है कि सिर्फ मोदी सरकार मे ये दम था कि अगड़ो को आरक्षण दे सके।

आम चुनाव से पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच शह और मात का खेल खूब खेला जा रहा है। एक से बढ़कर एक चाले दोनो तरफ से चली जा रही है। लेकिन क्या मोदी सरकार की तरफ से चला गया ये दांव आने वाले चुनाव मे फायदा पहुंचायेगा ये सवाल अब उठने लगा है। हालाकि ये सवाल पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी ही होगा। लेकिन ये तो है कि इससे बीजेपी के पारंपरिक वोटर एक बार फिर से बीजेपी के लिये खड़े होगे ।

लेकिन जिस लोगो को इस आरक्षण का फायदा  लेना होगा उन्हे ये जरूरी कागजात जरूर तैयार कर लेना चाहिये। संविधान में संशोधन के बाद गरीब सवर्णों को आरक्षण का लाभ पाने के लिए कौन कौन से दस्तावेजों की जरूरत होगी ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. इसके लिए जरूरी है जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पास बुक और इनकम टैक्स रिटर्न.।केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला के मुताबिक जिन लोगों की सालाना आमदनी 8 लाख से कम होगी उन्‍हें आरक्षण का लाभ मिलेगा। जिन सवर्णों के पास खेती की 5 एकड़ से कम जमीन होगी, उन्‍हें आरक्षण का लाभ मिलेगा. इस आरक्षण का लाभ वे सवर्ण पा सकेंगे, जिनके पास आवासीय भूमि 1000 वर्ग फीट से कम होगी। जिन सवर्णों के पास अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है वे इस आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा जिन सवर्णों के पास गैर अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 200 गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है उन्हें इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.

मतलब साफ है  कि पहली बार ऐसा होगा कि देश मे जाति के आधार पर नही बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जायेगा। ऐसे देखे तोमोदी सरकार की पहल भी बेहतर है क्योकि इससे उन लोगो को ज्यादा फायदा होगा जिन्हे आरक्षण की जरूरत ज्यादा है। और देश मे एक नई परंपरा भी चलेगी।