चीन की धोखेबाजी का गवाह बना गलवान घाटी

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जिसका डर था आखिर वही हुआ एक पखवारे से चल रहे चीन भारत सीमा विवाद में आज भारत के तीन जवान शहीद हो गये तो चीन के 5 जवान मारे गये। ये विवाद भारतीय क्षेत्र गलवान घाटी में हुआ जिसके बाद चीन के साथ तनाव अब और बढ़ गया है। इस बीच चलिए आपको बताते है कि गलवान घाटी का दोनो देशों के बीच में क्या महत्व है।

सामरिक दृष्टि से बेहद खास गलवान घाटी

गलवान क्षेत्र इस पूरे इलाके में सबसे ऊंचाई पर है। यहां से काफी दूरी तक नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा यहां से उस सड़क को भी आसानी से निशाना बनाया जा सकता है जहां से भारतीय सेना के जवान और रसद आदि की सप्‍लाई होती है। इसके उत्‍तर में दौलत बेग ऑल्‍डी सेक्‍टर है, जो भारतीय सीमा के अंदर का क्षेत्र है और जहां पर पहले भी चीन की तरफ से घुसपैठ की कोशिश हो चुकी है। ये यहां से करीब 102 किमी की दूरी पर स्थित है और यहां के बीच की दूरी करीब 3-4 घंटे के बीच तय होती है। इससे कुछ दूर उत्‍तर में भारत की सीमा चीन के शिजिंयाग प्रांत से लगती है। इसके दक्षिण में पैंगॉन्‍ग शॉ मौजूद है जो करीब 200 किमी दूर है और ये रास्‍ता करीब 6-7 घंटे का है। पैंगॉन्‍ग शॉ भी उन्‍हीं जगहों में से एक जगह है जहां पर चीनी जवानों ने पहले भी कई बार घुसपैठ की कोशिशों को अंजाम देने की कोशिश की है। आपको यहां पर ये भी बता देते हैं कि यहां स्थित पैंगॉन्‍ग लेक का एक हिस्‍सा भारत में है तो दूसरा हिस्‍सा चीन में आता है। गलवान से हॉट पनामिक हॉट स्प्रिंग की दूरी भी करीब 130 किमी है। ये तीनों ही जगह वो हैं जो सामरिक दृष्टि से काफी अहम हैं। गलवान की अहमियत की बात करें तो भारत ने हाल ही में यहां पर सड़क निर्माण किया है। इसका चीन की तरफ से काफी विरोध किया गया था। भारत ने भी इस विरोध को दरकिनार करते हुए साफ कर दिया था कि ये क्षेत्र भारतीय सीमा के अंतर्गत आता है, इस लिहाज से इसमें चीन का हस्‍तक्षेप किसी भी सूरत से स्‍वीकार्य नहीं होगा।

चीन की है इस इलाके पर नजर

चालबाज चीन जब दुनिया में कोरोना को लेकर सवालों में फंसा हुआ है तो वो दुनिया का रुख बदलने के लिए भारत से सीमा विवाद को लेकर उलझ रहा है। खासकर गलवान घाटी को लेकर क्योंकि वो अच्छी तरह से जानता है कि इस इलाके में मौजूद रहने से वो भारत पर नजर रख सकता है। इसलिये वो गलत तरीके से इलाके में घुस रहा है। हालाकि चीन के इस कालेकारनामे से भारत ने दुनिया में पर्दा उटा दिया है। जिसके बाद उसकी दुनिया में थू थू भी हो रही है और रूस से लेकर अमेरिका तक सभी देश भारत के साथ खड़े दिख रहे हैं। लेकिन चीन उसके बाद भी इस इलाके में परेशान करने में जुटा हुआ है।

बहरहाल अब मामला काफी तनाव भरा हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनो में इस इलाके में शांति बनाकर काम करने के लिए दोनो सरकारो पर दबाव होगा। लेकिन चीन ये समझ ले कि भारत अब वो भारत नही जो जवाब देना नही जानता शायद ये बात चीन को समझ भी आ गई होगी। लेकिन इसके बावजूद भी भारत हर मसले का हल शांति से चाहता है। इसलिये इस बारे में चीन को भी सोचना होगा। वरना अंजाम के लिए तैयार रहे।


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