सूखे से त्रस्त महाराष्ट्र को गडकरी का हाईवे प्लान दे रहा नया जीवन

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महाराष्ट्र भारत के सूखाग्रस्त राज्यों में से एक है| सूखे की चपेट में आने से यहाँ खेती और जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है| कितने ही किसान सूखे की मार से आत्महत्या करने पर विवश हुए हैं| इस संकट की स्थिति से महाराष्ट्र की जनता को उबारने और सुखी नदियों, तालाबों और कुओं को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एक हाईवे प्लान शुरू किया है| इस के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ राजमार्ग से सटे तालाबों और नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गयी है| इसके शुरू होने के बाद से सूखाग्रस्त महाराष्ट्र में पानी की समस्या अब सुधरती हुई दिखाई दे रही है|

क्या है गडकरी का हाईवे प्लान?

एक पंथ दो काज की झलक,गडकरी के मास्टरप्लान में दिखा सड़क तो बनी, सूखा भी इलाके का खत्म हुआ #IndiaFirst #NitinGadkari

एक पंथ दो काज की झलक,गडकरी के मास्टरप्लान में दिखा सड़क तो बनी, सूखा भी इलाके का खत्म हुआ #IndiaFirst #NitinGadkari

India First यांनी वर पोस्ट केले शुक्रवार, १२ जुलै, २०१९

गडकरी के हाईवे प्लान के मुताबिक राजमार्ग के निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री अब बाहर से न आकर राजमार्ग के आस-पास के इलाकों से ही लिया जा रहा है| इसके लिए राजमार्ग क्षेत्र में तालाबों और नदियों से खनिज राजमार्ग के निर्माण तथा विस्तार में उपयोग होने वाली अन्य जरुरी सामग्री की खुदाई को मंजूरी दे दी गयी है|

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव तहसील से इस कार्य की शुरुआत होगी| ये वही इलाका है जहाँ सूखे की चपेट में आकर कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं| ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की गडकरी के प्लान के क्रियान्वयन के बाद इस इलाके को नया जीवन मिलेगा|

अब तक की प्रगति

• 27 तालाब और 12 नदियों की खुदाई पूरी
• 30,75,000 घन मीटर खनिज की निकासी
• 3075 टीसीएम जल संचय क्षमता बढ़ी
• 15,000 कुओं में दुबारा पानी भरा
• 52 गावों के पानी की समस्या का निदान

इस योजना के शुरू होने के पहले इस इलाके में वर्षा जल संरक्षण नहीं हो पा रहा था| जल संचय क्षमता कम होने के चलते इन क्षेत्रों के बारिश का पानी पुणा नदी में बह जाता था| लेकिन खुदाई के बाद जल संचय क्षमता बढ़ने और बाकि जलस्रोतों पर बाँध बनने के चलते पानी की बर्बादी को रोका गया| इस इलाके के निवासियों की अनुसार पिछले तीन दसक में ऐसा पहली बार हुआ है जब इन नदियों में इतना पानी देखा गया है|

केंद्रीय मंत्री गडकरी के इस हाईवे मास्टर प्लान का दोहरा लाभ है| एक और जहाँ सूखे की मार से जनता को बचाने की कवायद सफल हो रही है, वहीँ दूसरी हो हाईवे के निर्माण और विस्तार में जरुरी सामग्री की लागत भी कम लग रही है| इस योजना की सफलता के बाद, इस प्लान को महाराष्ट्र के अन्य सूखाग्रस्त क्षेत्रों में भी आजमाया जायेगा|

 


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