गडकरी बोले, चीन के प्रति दुनिया की नफरत, भारत के लिये है मौका

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि कोरोना संकट में दुनिया चीन को नफरत से देख रही है। भारत को इसे आर्थिक मौके में बदलकर विदेशी निवेश आकर्षित करने पर ध्यान देना चाहिए। गडकरी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों से बातचीत में ऐसा कहा। गडकरी ने जापान का उदाहरण देकर कहा कि हमें भी ऐसा ही सोचना चाहिए और हम इस पर ध्यान भी देंगे। चीन से कारोबार समेट रही अपनी कंपनियों के लिए जापान ने आर्थिक पैकेज घोषित किया है।

कोरोना के बाद आर्थिक लड़ाई जीतने के लिए नीतियां बना रहे: गडकरी

गडकरी ने कहा कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए क्लीयरेंस और दूसरी सुविधाओं में तेजी लाई जाएगी। वित्त मंत्रालय समेत सभी विभाग और आरबीआई कोरोना के बाद की आर्थिक लड़ाई को जीतने के लिए नीतियां बना रहे हैं। इससे देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा होगा। गडकरी ने कहा कि इसी दौरान हम 100 लाख करोड़ का इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर सकते हैं।

‘चीन पर कार्रवाई का मुद्दा संवेदनशील’

गडकरी से पूछा गया कि अगर यह साबित होता है कि चीन ने कोरोना से जुड़ी जानकारी जानबूझकर छिपाई को क्या भारत कोई कार्रवाई कर सकता है? इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया कि यह विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री से जुड़ा संवेदनशील मामला है, इसलिए कमेंट करना सही नहीं होगा।

चीन के रवैए से ग्लोबल इकोनॉमी खतरे में: अमेरिका

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पिछले हफ्ते कहा था कि चीन ने कोरोनावायरस से जुड़ी जानकारी छिपाई, इससे अमेरिका समेत दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के सामने चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों का चीन पर दबाव है।

विदेशी निवेश को आकर्षित करेंगे

चीन से बाहर जाने वाले व्यवसायों के लिए जापान द्वारा आर्थिक पैकेज घोषण का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमें इस पर सोचना चाहिए और हम इस पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हम उन्हें और हर उस चीज को मंजूरी देंगे और विदेशी निवेश आकर्षित करेंगे।’

1000 कंपनियां सरकार के संपर्क में

बीते दिनों खबर आई थी कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुई दिक्कतों के बीच लगभग 1000 विदेशी कंपनियां सरकार के अधिकारियों से भारत में अपनी फैक्ट्रियां लगाने को लेकर बातचीत कर रही हैं। बिजनस टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कम से कम 300 कंपनियां मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, टेक्सटाइल्स तथा सिंथेटिक फैब्रिक्स के क्षेत्र में भारत में फैक्ट्रियां लगाने के लिए सरकार से सक्रिय रूप से संपर्क में हैं। अगर बातचीत सफल होती है तो यह चीन के लिए बहुत बड़ा झटका होगा।