पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध के बाद मलयेशिया के भावी प्रधानमंत्री ने लगाई मोदी से गुहार

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को भारत के आतंरिक मामलों में टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। कश्मीर और नागरिकता कानून के विरोध के बाद पाकिस्तान की भाषा बोल रहे मलयेशिया की अकड़ अब ढीली होने लगी है। पिछले महीने भारत ने मलयेशिया से रिफाइंड पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके बाद मलयेशिया के सुर बदलने लगे हैं।

दरअसल खाद्य तेलों के दुनिया के सबसे बड़े खरीदार भारत ने पिछले महीने मलयेशिया से पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था और अनौपचारिक तौर पर ट्रेडर्स से कहा था कि वे मलयेशिया से खरीदारी बंद कर दें। मलयेशिया इंडोनेशिया के बाद खाद्य तेलों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।

भारत पिछले पांच वर्षों से मलेशिया के पाम तेल का सबसे बड़ा बाजार रहा है। अब इसके बहिष्कार से मलेशिया को इतनी बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाला नया बाजार ढूंढना लगभग नामुमकिन है। इसके बाद मलेशिया को पाम तेल को बेचने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारत के मलेशिया से पाम ऑइल (Palm Oil) के आयात में कटौती करने के बाद वहां पाम ऑयल की कीमतें 11 साल के सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गई हैं।

अब मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के उत्तराधिकारी अनवर इब्राहिम ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि भारत को मलयेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद सुर में बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।

कश्मीर और सीएए पर बिगड़ी बात, महातिर ने की थी भारत की आलोचना

पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध के भारत के फैसले को मलयेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद को जवाब के तौर पर देखा गया जिन्होंने भारत के नए नागरिकता कानून की यह कहते हुए आलोचना की थी कि यह मुस्लिमों से भेदभाव करता है। इसके अलावा कश्मीर मुद्दे पर भी महातिर कई मौके पर पाकिस्तान की भाषा बोलते दिखे हैं। पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए महातिर ने भारत पर आरोप लगाया था कि उसने कश्मीर पर कब्जा किया हुआ है।

‘चिंता व्यक्त करने के बजाय जरूरत से ज्यदा बोल गए महातिर’

मलयेशिया के पीएम इन वेटिंग अनवर इब्राहिम महातिर मोहम्मद से इस साल के आखिर में उनकी जगह लेने वाले हैं। पीएम इन वेटिंग अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारतीय सरकार की निंदा करते हुए महातिर शायद चिंताओं को कूटनीतिक ढंग से व्यक्त करने से कहीं काफी आगे बढ़ गए।

अपने इंटरव्यू में अनवर इब्राहिम ने कहा, ‘जब चिंता व्यक्त करते हैं तो देश इसका बुरा नहीं मानते लेकिन महातिर निश्चित तौर पर बहुत ज्यादा सख्त थे।’ इब्राहिम ने आगे कहा, ‘लेकिन उसके बाद महातिर ने पिछले कुछ हफ्तों से नुकसान कम करने की हर भरसक कोशिश की और जरूरी सामंजस्य लाने की कोशिश की है। मुझे पूरा यकीन है कि भारत के नेता इसका संज्ञान लेंगे।

महातिर के भी बदलने लगे है सुर

प्रधानमंत्री महातिर के तेवर अब नरम पड़ने लगे है बता दें कि जब भारत ने पिछले महीने मलयेशिया से पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध लगाया था तो महातिर ने जवाबी कदम उठाने के बजाय यह कहा था कि हम भारत से बहुत छोटे हैं, बदला नहीं ले सकते। महातिर ने कहा था कि हमें इस समस्या से बाहर निकलने के लिए दूसरे तरीकों और साधनों का इस्तेमाल करना होगा। भारत जैसी विशाल अर्थव्यवस्था के सामने मलयेशिया कहीं नहीं टिकता है, इसलिए जवाबी कार्रवाई की सवाल ही नहीं उठता है। महातिर ने कहा, ‘हम जवाबी कार्रवाई करने के लिहाज से बेहद छोटे हैं।’