गुमनाम वीरों की गैलरी से लेकर भव्य फ्लाईपास्ट तक, इस बार बहुत खास है 26 जनवरी की परेड

26 जनवरी की परेड में एक बार फिर भारतीय सेना अपना दमखम दिखाने को तैयार है। बताया जा रहा है कि इस साल होने वाले फ्लाईपास्ट पिछले सालों से ज्यादा भव्य होने वाला है। इसके साथ ही इस साल परेड में काफी बदलाव हुए हैं, जो इस परेड को खास बनाने वाले हैं। अगर आप भी हर साल 26 जनवरी परेड देखने के लिए उत्साहित रहते हैं तो आप पहले ही जान लीजिए इस बार क्या खास होने वाला है?

सबसे बड़ा फ्लाईपास्ट होगा

भारतीय वायुसेना, सेना और नौसेना के विमानों सहित 75 लड़ाकू विमानों के साथ गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राजपथ पर होने वाला फ्लाईपास्ट अब तक का सबसे भव्य फ्लाईपास्ट होगा। यह सब आजादी का अमृत महोत्सव के अनुरूप है। पांच राफेल विनाश की आकृति में राजपथ के ऊपर से उड़ान भरेंगे। आजादी का अमृत महोत्वस मनाने के लिए 17 जगुआर लड़ाकू विमान 75 के आकार में उड़ान भरेंगे।

फोटो गैलरी

इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में एक खास गैलरी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। दरअसल, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय द्वारा संस्कृति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से भुवनेश्वर और चंडीगढ़ में कलाकुंभ का आयोजन किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न कलाकारों ने हिस्सा लिया था। देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले गुमनाम नायकों के चित्र तैयार किए हैं, जिनमें उनकी वीरता और संघर्ष की कहानियों को प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों को गणतंत्र दिवस की मौके पर राजपथ पर प्रदर्शित किया जाएगा। भुवनेश्वर और चंडीगढ़ में 75 मीटर के कुल 10 स्क्रोल कैनवस पर चित्र बनाए , जिनकी कुल लंबाई 750 मीटर से भी अधिक है। इन स्क्रॉल्स को गणतंत्र दिवस, 2022 के मौके पर राजपथ पर कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

विदेशी मेहमान नहीं होंगे

गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार कोई भी विदेशी मेहमान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल नहीं होंगे। कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर मध्य एशियाई देशों से कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं होगा। सरकार ने पांच मध्य एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा था लेकिन अब योजनाओं को रद्द कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल भी कोरोना की वजह से कोई विदेशी मेहमान शरीक नहीं हुआ था।

दर्शकों की संख्या 80 फीसदी तक कम

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते इस बार दर्शकों की संख्या में काफी कम कर दी गई है। पिछले बार ही सरकार ने दर्शकों की संख्या को कम करते हुए सिर्फ 25 हजार लोगों को परेड में शामिल होने की इजाजत दी गई थी। अब इस संख्या को और भी कम कर दिया गया है और अब सिर्फ 5000 से 8000 लोगों को ही शामिल होने की इजाजत दी गई है। तो कोविड महामारी का साया गणतंत्र दिवस समारोह पर इस बार भी मंडरा रहा है। इसके चलते पहले परेड रूट 8.3 किलोमीटर होता था वो अब घटकर 3.3 किलोमीटर ही रह गया है। मतलब परेड रूट 5 किलोमीटर कम कर दिया गया है। हालांकि, परेड के बाद निकलने वाली झांकिया लाल किले पर जाकर ही खत्म होगी।

 

इसके साथ साथ इस बार परेड पहले के समय से 30 मिनट देरी से शुरू होगी ऐसा इसलिये किया जा रहा है क्योकि कम विजिबिल्टी के चलते फ़्लाईपास्ट नहीं दिख पाता था, इसके चलते ये बदलाव किया गया है। मतलब इस बार कि परेड बहुत खास होने वाली है।