पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आठ अगस्त को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा

Former President Pranab Mukherjee

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 8 अगस्त को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

भारत के 13 वें राष्ट्रपति, प्रणब मुखर्जी को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार – 2019 के लिए जनवरी में ही चुना गया था । 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में घोषणा की गई थी जिसमें यह भी कहा गया था कि यह पुरस्कार मरणोपरांत सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख और प्रख्यात असमिया गायक भूपेन हजारिका को भी दिया जाएगा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दशकों की सेवा के लिए मुखर्जी को पहले ही बधाई दी थी। “प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है, जो देश के विकास पथ पर एक मजबूत छाप छोड़ रहे हैं। उनकी बुद्धि और बुद्धि में कुछ समानताएं हैं। उन्हें प्रसन्नता हुई कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।” “उन्होंने ट्वीट किया था।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जुलाई 2012 से जुलाई 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके पहले उन्होंने वित्त, रक्षा और विदेश जैसे अहम् मंत्रालयों की भी जिम्मेदारी संभाली थी | साल 2004 से 2012 तक केंद्र में यूपीए सरकार में उन्हें प्रमुख संकटमोचक माना जाता था |

कवि, सिंगर, गीतकार और फिल्म निर्माता हजारिका का 85 वर्ष की आयु में 2011 में निधन हो गया था। उन्होंने असमिया लोक गीत और संस्कृति को हिंदी सिनेमा में लाकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। इसके बाद भारत रत्न के लिए तीसरी पसंद नानाजी देशमुख एक आरआरएस प्रचारक थे, जो 60 के दशक में उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनकर उभरे थे। 1980 के दशक में भाजपा के शिल्पकारों में से एक थे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था।

Hindustan highest civilian award

बता दें कि भारत रत्न हिंदुस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जो असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। सर्वोच्च नागरिक सम्मान अंतिम बार 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय (मरणोपरांत) को दिया गया था। अब तक 45 हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है और 8 अगस्त को यह संख्या बढ़कर 48 हो जाएगी।