बीती रात पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

Sushma Swarajजम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) के ख़ात्मे के जश्न के बीच 6 अगस्त की रात एक मनहूस ख़बर भी लेकर आयी। पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने के बाद बीती रात दिल्ली में निधन हो गया। उन्हें कल एम्स में भर्ती कराया गया था। वह भारत की पहली महिला विदेश मंत्री थीं। सुषमा स्वराज के निधन की ख़बर फैलते ही पूरे देश में शोक की लहर छा गयी है।

67 वर्षीय सुषमा स्वराज लंबे समय से भाजपा की सबसे प्रमुख महिला चेहरा थीं। वह मात्र 25 साल की उम्र में 1977 में हरियाणा में कैबिनेट मंत्री बनी थीं, और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।

स्वराज ने 26 मई 2014 से 30 मई 2019 तक भारत के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया। बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ट्विटर पर काफ़ी सक्रिय रहती थीं। फिर चाहे विदेश में फंसे लोगों की मदद करना हो या लोगों का पासपोर्ट बनवाना। उन्हें सात बार संसद सदस्य के रूप में और तीन बार विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया। उनकी सबसे उल्लेखनीय राजनीतिक लड़ाई 1999 के लोकसभा चुनावों में बेल्लारी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ थी।

RIPSushmaJi

मंगलवार को, सुषमा स्वराज ने राज्यसभा सदस्यों को बधाई दी जिन्होंने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के सरकार के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। और बीती रात उन्होंने लोकसभा से अनुच्छेद 370 पारित होने के बाद एक भावुक ट्वीट किया था, ट्वीट में, प्रधान मंत्री को हर चीज के लिए धन्यवाद दिया और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के लिए विधेयक पारित होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का शुक्रिया। बहुत बहुत धन्यवाद। मैं अपने जीवनकाल में इस दिन को देखने के लिए इंतजार कर रही थी।”

स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए, पूर्व मंत्री ने 2019 में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। बता दे की 2016 में सुषमा जी का गुर्दे का इलाज किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट्स में उन्होंने लिखा है, ”भारतीय राजनीति का एक महान अध्याय ख़त्म हो गया है। भारत अपने एक असाधारण नेता के निधन का शोक मना रहा है, जिन्होंने लोगों की सेवा और गरीबों की ज़िंदगी बेहतर के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। सुषमा स्वराज जी अनूठी थीं, जो करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत थीं। सुषमा जी अद्भुत वक्ता और बेहतरीन सांसद थीं। उन्हें सभी पार्टियों से सम्मान मिला। बीजेपी की विचारधारा और हित के मामले में वो कभी समझौता नहीं करती थीं। बीजेपी के विकास में उन्होंने बड़ा योगदान दिया।”

सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर बुधवार 12 बजे से तीन बजे तक अंतिम दर्शन के लिए पार्टी कार्यालय में रखा जाएगा। इसके बाद लोधी रोड के क्रेमेटोरियम में राष्ट्रीय सम्मान के साथ शाम 3 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सुषमा स्वराज एक प्रखर और ओजस्वी वक्ता, प्रभावी पार्लियामेंटेरियन और कुशल प्रशासक मानी जाती हैं।