कुम्भ को लेकर विदेशी मीडिया हल्ला मचाये और खुद के देश में नियम टूटे तो चुप रह जाये

जिस तरह से यूरो कप के बाद लंदन में भीड़ उमड़ी उससे ये साफ दिखा दिया है कि कोरोना को लेकर पश्चिमी देश कितना जागरूक है। लेकिन इससे मजे की बात ये है कि देश के कछ डिजाइनर पत्रकार और पूरा का पूरा विदेशी मीडिया आज चुप है जो कुंभ मेले को लेकर विश्व में ऐसा हल्ला मचा रहा था जैसे बस इसी वजह से कोरोना फैला था।

अब विदेशी मीडिया क्यों चुप है ?

जिस तरह से यूरोप से तस्वीर आ रही है फिर वो यूरो कप हो या फिर समंदर के किनारे इकठ्ठा होते लोग की फोटो उसे लेकर क्यों नही विदेशी पत्रकार कुछ खबर छाप रहे हैं। अब उन्हे क्यों कोरोना का भय सता रहा है। वो इसपर क्यों नहीं अपनी सरकार पर तंज कस रहे हैं। क्योंकि उनका सिर्फ एक ही मकसद रहता है, भारत की संस्कृति को बदनाम करो या भारत के पीएम मोदी को किसी ना किसी तरह कमजोर करो, बस इसी चक्कर में वो कभी कुम्भ के मेले पर सवाल खड़ा करके भारत के खिलाफ लिखते हैं तो कभी कोरोना से हुई मौत के झूठे आंकड़े छापते हैं। जबकि हकीकत ये है कि भारत ने जिस तरह से कोरोना को रोका है शायद ही दुनिया का कोई देश ऐसा कर पाया हो। इस बीच एक बात और देखने को मिल रही है और वो ये कि विदेशी मीडिया में छपी खबर पर देश की सरकार और भारत को बदनाम करने वाले भी चुप हैं। जो इस अखबारों की सुर्खिया देखकर कोरोना के रूप को भारत का नाम देने लगे थे।

कोरोना के खिलाफ भारत की जंग जारी

वैसे इस बीच भारत में भी लॉकडाउन खुलने के बाद कई जगह नियम तोड़ते लोग देखे जा रहे हैं। हिल स्टेशन में लोगों की भीड़ भी बढ़ गई है। लेकिन इन सबको देखते हुए भारत सरकार  सख्त हो गई है। जिसके चलते राज्यों को सीधे हितायद दी गई है कि कोरोना को लेकर कोई भी कोताही नहीं बर्दाश्त की जायेगी। जिसके चलते उत्तराखंड सरकार ने अपने राज्य से 4 हजार से ज्यादा वाहन को वापस भेजा जो मंसूरी या पहाड़ी इलाकों की तरफ जा रहे थे। इसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था को भी सरकार ने दुरूस्त करने का आदेश दे दिया तो वही वैक्सीनेसन के मामले में भी हम जल्द ही 40 करोड़ का आंकड़ा छूने वाले हैं।

यानी एक ओर भारत तेजी से कोरोना से जंग लड़ रहा है तो उसे बदनाम करने के लिये विदेशी मीडिया खूब हल्ला मचा रही है। जबकि भारत में हो रहे फेस्टिवल के बीच कोरोना को लेकर पूरी सावधानी भी बरती जा रही है। इसका एक उदाहरण जगन्नाथ रथ यात्रा में साफ देखा गया लेकिन इसके बाद भी विदेशी मीडिया भारत और भारत की सरकार पर सवाल उठाये तो मतलब साफ है कि ये उनका भारत के खिलाफ साजिश ही है।