कोरोना संकट के बीच विदेशी निवेशकों की भारत में बढ़ती रुची

दुनिया कोरोना संकट से ही लड़ रही है लेकिन भारत कोरोना संकट के साथ साथ चीन सीमा विवाद, तो आये दिन पाक के नापक मंनसूबो से भी दो चार हो रहा है, वहीं नेपाल भी उकसावे में भारत से विवाद के लिए गलत बयानबाजी करने में लगा है। इतनी उथल पुथल के बीच भी देश में बाहरी निवेशकों का भारत में निवेश करना ये बता रहा है कि कैसे मोदी सरकार के नेत्तृव में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।

विदेशी निवेशकों को भा रहा भारत

ये बात बिल्कुल सच साबित हो रही है कि कोरोना काल में दुनिया की कंपनियों को भारत का खुला बाजार खूब भा रहा है। तभी एक से एक बड़ी कंपनिया भारत में निवेश करने में लगी है। फिर वो गूगल हो या फिर दूसरी कंपनियां सभी भारत में अपने कारोबार को चमकाने में लगे हुए हैं। अगर बात करे गूगल की तो ये कंपनी भारत में करीब 10 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रही है तो एपल ने 1 बिलियन डॉलर का निवेश के लिए हामी भरी है इतना ही नही सैमसंग ने भारत में ही मेक इन इंड़िया के तहत 4G स्मार्टवॉच का निर्माण भी शुरू कर दिया है। वही थामसन कंपनी भी 1000 करोड़ का निवेश भारत में अगले एक साल में करने जा रही है। इसी तरह हटाची एसी कंपनी और फेसबुक सहित 16 कंपनियों ने भारत में निवेश करने का ऐलान कर दिया है। जिससे ये साफ होता है कि विश्व के बड़े-बड़े कारोबारियों को आज भारत सबसे महफूज जगह लग रही है करोबार करने के लिए और ऐसा हुआ है तो सिर्फ पीएम मोदी के चलते जिन्होंने भारत की ऐसी तस्वीर पेश की है कि आज सभी इसके दीवाने हो गये हैं। इतना ही नही जिस तरह से भारत ने कोरोना से जंग लड़कर उसे कमजोर किया है उसका भी असर है कि भारत के प्रति दुनिया का विश्वास बढ़ा है।

भारत में कारोबार लाने में मोदी सरकार का योगदान

वैसे कुछ लोग मोदी सरकार को कमतर आंकने के लिये बोल रहे हैं कि देश में विदेशी निवेश इसलिये बढ़ रहा है क्योंकि चीन को लेकर विश्व में अविश्वास पैदा हुआ है। लेकिन ऐसे लोगों को ये जान लेना चाहिए कि ऐसा अगर हुआ है तो वो मोदी सरकार के चलते क्योंकि मोदी सरकार के राज में ही विदेशी कंपनियों को देश में एक अच्छा महौल मिल पा रहा है। नये नये राज्यों में हवाई मार्ग हो या सड़क मार्ग या फिर रेल मार्ग से जुड़ने के चलते कंपनियों का विश्वास भारत के लिये बढा है इतना ही नही जिस तरह कर व्यवस्था को सरल किया गया है औऱ विश्व में सबसे कम दर पर व्यपार लगाने की सुविधा यहां दी जा रही है। इसको ध्यान में रखकर विदेशी कारोबार देश में आने के लिए तैयार हुआ है। आज सारी दुनिया में सबसे कम कॉरपोरेट टैक्स भारत में है तो GST के चलते सरल कर प्रणाली भी व्यपारियों को लुभा रही है। एक बात और कि यहां कामगार भी खूब बेहतर मिल रहे हैं। ऐसा इसलिये हो पा रहा है कि क्योंकि मोदी की स्किल इंडिया अभियान के चलते आज कुशल कामगारों की देश में कमी नही है। ऐसे में अगर दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है तो सिर्फ और सिर्फ वो मोदी सरकार के चलते।

बहरहाल विदेशी निवेश आना देश के लिये शुभ सकेंत है क्योंकि इससे देश की आर्थिक गाड़ी तो सरपट भागेगी साथ में देश में रोजगार का ग्राफ तेजी के साथ बेहतर होगा। ऐसे में आने वाले वक्त में भारत एक बेहतर  आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा ये तो अब दिखने लगा है।