जो विदेश-नीति पर उठाते हैं सवाल उनके लिए दुनिया में बढ़ते भारत के कद के दो उदाहरण

आज भारत का रूतबा समूचे विश्व में क्या है ये बताने के लिये बहुत सी घटना है लेकिन अभी हाल ही में चीन के विदेश मंत्री का भारत दौरा बताता है कि आज भारत विश्व की राजनीति में कौन से स्थान पर है। वैसे चीन के विदेश मंत्री ये दौरा पीएम मोदी को ब्रिक्स सम्मेलन में बुलाने के लिए मनाने के लिए था लेकिन पीएम मोदी मुलाकात ना करके कही ना कही चीन के प्रति अपना रूख साफ कर दिया है।

चीन के विदेश मंत्री की नहीं गली दाल

एक तरफ चीन के विदेश मंत्री से हुई भारत की बात में साफ कर दिया गया है कि चीन जबतक सीमा का मसला नहीं सुलझाकर पहले वाले नियम को मानता है तबतक उससे किसी भी तरह की दोस्ती नहीं हो सकती है। पीएम मोदी ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात नहीं करके ये साफ कर दिया है कि उनका रूख भी चीन को लेकर बिलकुल साफ है। दरअसल वो जायामिन में होने वाली ब्रिक्स सम्मेलन के लिये पीएम मोदी को मनाने आये थे लेकिन उन्हे इस बाबत कोई भी सफलता हाथ नहीं लगी। पालिसी रिसर्च ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में सीमा विवाद के बाद भारत चीन का संबध में काफी मनमुटाव आया है और भारत जाकर पीएम मोदी को मनाने के आलावा चीन के पास कोई चारा भी नहीं था क्योंकि चीन अच्छी तरह जानता है कि अगर ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी नहीं पहुंचते है तो ये सम्मेलन सफल नहीं माना जायेगा। जून के महीने में ये सम्मेलन होना है। जब तक चीनी सैनिक पीछे नही हटते है तो मानकर चलिये पीएम मोदी इस सम्मेलन में नहीं जायेगे जो चीन की एक बड़ी बेइज्जती होगी।

अमेरिका को दर किनार भारत रूस से खरीदेगा कोयला

रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद अमेरिकी और पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस के साथ अपने कारोबारी रिश्‍ते जारी रखेगा। अब भारत ने रूस से कोकिंग कोल का आयात दोगुना करने की घोषणा की है। इस्‍पात मंत्री की माने तो भारत, रूस से कोकिंग कोल आयात करने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारत रूस के कोकिंग कोल का आयात दोगुना करने की योजना बना रहा है। भारत रूस से 4.5 मिलियन टन कोयले का आयात कर चुका है।

ये दो खबरे ये साफ बता रही है कि भारत आज आंख मिलाकर और जो राष्ट्रहित के फायदे को ध्यान में रखकर कदम उठाता है जिसके चलते विश्व में भारत का रूतबा लगातार बढ़ता जा रहा है।