साल का पहला महीना, रोजगार को लेकर आय़ा शुभ समाचार, देश में बढ़ी 41 फीसदी भर्तियां

पिछले कुछ सालों से विपक्ष सत्ता पक्ष पर रोजगार को लेकर सवाल करता रहता है और आरोप लगाता है कि मोदी सरकार के वक्त रोजगार खत्म सा हो गये है जबकि हकीकत ये है कि कही ना कही कोरोना के चलते रोजगार में कमी देखी जा रही थी लेकिन जिस तरह से कोरोना घट रहा है वैसे वैसे रोजगार देश में लोगों को मिलना शुरू हो गया है। इसका ताजा उदाहरण नौकरी जॉबस्पीक के एक इंडेक्स से हुआ है जिसमें बताया गया है कि जनवरी महीने में कोरोना कहर के बावजूद भी देश में 41 फीसदी लोगों की भर्तियां हुई है।

रोजगार के मामले में साल का पहला महीना लाया खुशखबरी

हर दिन देश की आर्थिक स्थिति को लेकर अच्छी खबर आ रही है। एक तरफ विदेशी धन देश का खजाना बढ़ रहा है तो वही देश विदेश में जमकर निर्यात भी कर रहा है। इन सभी खबरों के बीच में अब ये खबर आई है कि विभिन्न सेक्टर के उघोग में जनवरी के महीने में लोगों को कोरोना की तीसरी लहर के बीच में रोजगार मिले है। नौकरी जॉबस्पीक की माने तो देश में करीब 14 फीसदी रोजगार के मामले बढ़े है। इसमे सबसे ज्यादा दिल्ली एनसीआर इलाके में करीब 35 फीसदी की ग्रोथ हुई है। टेलीकॉम रीटेल और आईटी साफ्टवेयर सेक्टर में सबसे ज्यादा बूम देखा गया है। वही जानकारो की माने तो ये शुरूआत एक अच्छे कल की शुरूआत है। इतना ही नही देश जानकार मान कर चल रहे है कि ये आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है।

जॉब क्रिएशन पर EPFO की आंकड़ों से पीएम मोदी ने साधा निशाना

पीएम मोदी ने देश में रोजगार  और हायरिंग  को लेकर राज्यसभा में अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कोरोना पाबंदियां हटने के बाद हायरिंग की रफ्तार तेज हुई है। राज्यसभा  में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कितनी जॉब क्रिएट हुई हैं, इसके लिए पेरोल सबसे विश्वस्त माध्यम माना जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2021 में लगभग एक करोड़ 20 लाख नए लोग EPFO के पेरोल पर जुड़े। ये सारे फॉर्मल जॉब्स हैं। इनमें से भी 60-65 लाख 18 से 25 साल के आयु के हैं। इसका मतलब यह है कि यह उम्र पहली जॉब की है। यानी पहली बार जॉब मार्केट में उनकी एंट्री हुई है। आगे कहा कि रिपोर्ट बताती है कि कोरोना के पहले की तुलना में पाबंदियां खुलने के बाद हायरिंग दोगुनी बढ़ गई है। नैस्कॉम की रिपोर्ट में भी इसी ट्रेंड की चर्चा है जो ये बताता है कि देश तेजी से रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।

देश की अर्थव्यवस्था की बात कही जाये तो दुनिया भी मान रही है कि भारत तेजी से आगे कि तरफ बढ़ रहा है और भारत की विकास दर दुनिया में सबसे ज्यादा रहने वाली है। लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग सवाल कर खड़े कर रहे है ज्यादातर ये वही लोग है जिन्होने खुद अपने कार्यकाल में कुछ नही किया लेकिन अब बेकार का हल्ला मचाकर लोगों को गुमराह करने में लगे है। लेकिन देशवासी इनकी चाल में अब फंसने वाली नहीं।