सरकार द्वारा लॉन्च नए पोर्टल से चोरी हुए मोबाइल फोन ढूँढना हुआ आसान

Telecom Minister Ravi Shankar Prasad

मोबाइल चोरी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक पोर्टल लॉन्च किया है जो उपयोगकर्ताओं को उनके खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाने में मदद करेगा।

केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और कानून और न्याय मंत्री, रवि शंकर प्रसाद ने शुक्रवार को पोर्टल www.ceir.gov.in को लॉन्च किया, जिसमें ग्राहक को पुलिस शिकायत दर्ज करने के बाद खोए हुए फोन या चोरी की सूचना देना आवश्यक है।

इस परियोजना को महाराष्ट्र में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है और पायलट प्रोजेक्ट की सफलता की समीक्षा के बाद अगले छह महीनों में इसे देश भर में उपलब्ध करा दिया जाएगा। टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर कहा कि इस लॉन्च के पीछे हमारी कोशिश एक तो सुरक्षा है और दूसरी कनेक्टिविटी है। सुरक्षा इसलिए ताकि मोबाइल से कोई खिलवाड़ न करे। इसके तहत मोबाइल पाने वाले व्यक्ति के सिम-कार्ड बदल देने के बाद भी फोन में किसी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क नहीं आएगा। यानी वह चाहकर भी फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

प्रत्येक मोबाइल फोन की अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (IMEI) संख्या नामक एक विशिष्ट पहचान होती है, लेकिन बड़ी संख्या में मोबाइल फोन IMEIs की नकल करते हैं, जिससे अधिकारियों के लिए ऐसे उपकरणों को अवरुद्ध करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। रिपोर्ट किए गए मोबाइल फोन को सभी नेटवर्क में अवरुद्ध कर दिया जाएगा और चोरी या गुम हुए फोन पर मौजूद सभी तरह की सेवाओं को ब्लॉक कर दिया जाएगा । आईएमईआई नंबर ब्लॉक होने के बाद फोन किसी भी मोबाइल नेटवर्क में काम नहीं करेगा। यानि एक तरह से वह किसी काम का नहीं रह जाएगा।

यदि चोरी किए गए मोबाइल का उपयोग किसी भी दुसरे सिम के साथ किया जाता है, तो ग्राहक का विवरण रिकॉर्ड किया जाएगा और ट्रेसिंग के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा।

मोबाइल चोरी से संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) की अनुसंधान और विकास इकाई, सी-डॉट द्वारा एक स्वदेशी समाधान विकसित किया गया है। टेलीकॉम विभाग ने जुलाई 2017 में मोबाइल ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के तहत एक सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी सीईआईआर बनाने का फैसला लिया था। यह आईएमईआई नंबरों का डाटाबेस है, जिसका मकसद मोबाइल फोन की चोरी और नकली फोन के धंधे को रोकना था। सीईआईआर के जरिए देश में एक ही आईएमईआई नंबर से चल रहे नकली फोन को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह सिस्टम चोरी या गुम हुए फोन पर मौजूद सभी तरह की सेवाओं को ब्लॉक कर देगा।