वित्त मंत्री का ऐलान, निर्यातकों को 50,000 करोड़ का बूस्टर डोज

Finance minister announces, booster dose of 50,000 crore to exporters

सरकार ने सुस्ती से गुजर रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए शनिवार को वित्त मंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों को नए इंसेंटिव के तहत 50,000 करोड़ रुपए के पैकेज देने का ऐलान किया। यह पैकेज आगामी एक जनवरी से मान्य होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक्सपोर्ट और हाउसिंग सेक्टर समेत कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई काबू में है और इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधारों पर मंदी से निपटने की कोशिश जारी है। अभी हमारा फोकस निर्यात को बढ़ावा देने पर है। एमईआईएस (MEIS) 1 जनवरी 2020 से खत्म, इसकी जगह RoDTEP एक जनवरी से लागू होगा।

नई घोषणा के तहत निर्यातकों को अब मर्चेनडाइज एक्सपोर्ट फ्राम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) के तहत मिलने वाले इंसेंटिव की जगह रेमिशन ऑफ ड्यूटी और टैक्स ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट (आरओडीटीईपीटी) के तहत कई प्रकार की आर्थिक मदद मिलेगी। सीतारमण ने बताया कि नए प्रकार के इंसेंटिव से सरकार पर 50,000 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नई स्कीम आगामी एक जनवरी, 2020 से लागू होगा।

सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अगस्त में एक साल पहले की तुलना में 6.05 प्रतिशत नीचे आ गया है। अगस्त में देश से वस्तुओं का निर्यात 26.13 अरब डॉलर रहा।

एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का पूरे देश के चार जगहों पर आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मार्च 2020 से शुरू होगा। जेम्स ऐंड जूलरी, योगा एवं टूरिजम, टैक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र में ये आयोजन होगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि सितंबर माह के अंत से ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के रिफंड की व्यवस्था पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक हो जाएगी। इससे निर्यातकों को आसानी से रिफंड मिल सकेगा और उन्हें वर्किंग कैपिटल की दिक्कत नहीं होगी।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था की हालत और औद्योगिक उत्पादन की हालत भी सुधर रही है। साथ ही महंगाई दर अभी काबू में है।

गौरतलब है की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पिछले एक महीने में तीसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया है। आपको ज्ञात होगा कि इससे पहले 30 अगस्त को भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग सेक्टगर को लेकर कई बड़े फैसले लिए थे। इस दौरान उन्होंकने 10 सरकारी बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा की थी।