कोरोना से लड़िए, PM से नहीं…हेमंत सोरेन के ट्वीट पर बवाल…BJP के CM-मंत्रियों का पलटवार

भारत में जारी कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी देश में राजनीतिक घमासान मचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और कोरोना संकट को लेकर चर्चा की। इन्हीं में से एक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस चर्चा को लेकर एक ट्वीट कर दिया। जिसपर अब बवाल मच गया है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस ट्वीट पर ‘ट्वीटयुद्ध’ शुरू हो गया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टेलीफोन बातचीत के दौरान केवल ‘मन की बात’ करने का आरोप लगाया था। कई राज्यों के नेताओं ने हेमंत सोरेन की घेराबंदी की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री को कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि ‘हेमंत सोरेन जी, शायद अपने पद की गरिमा को भूल गए हैं। कोरोना से उत्पन्न स्थिति को लेकर देश के PM पर कोई बयान देते समय उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस महामारी का अंत सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए अपने मन की भड़ास PM पर निकालना निंदनीय है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘केंद्र सरकार ने कोरोना संकट काल में जहां गरीबों और जरूरतमंदों के लिए खजाने खोल दिए हैं, वहीं झारखंड सरकार ने अपने खजाने का मुंह बंद कर रखा है। हेमंत सोरेन जी चाहते हैं कि हर काम केंद्र सरकार करे। कोरोना से लड़िए, PM से नहीं!

वहीं, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ‘वैश्विक महामारी के बीच माननीय मुख्यमंत्री जी अपने दायित्वों से बचने के लिए झारखंड की जनता को लगातार गुमराह कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के झारखंड के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और प्रयासों को झुठलाने के आपके इस ओछे हरकत पर आज झारखंडी शर्मिंदा हैं। आपके इस बचकाना एवं गैर जिम्मेदाराना, निरंकुश ट्वीट की देश ही नहीं दुनिया में थू-थू हो रही है। झारखंड की संस्कृति में झूठ, फरेब की कोई जगह नहीं है, ईश्वर आपको सद्बुद्धि दें, संयमित रखें और जिम्मेदार बनाएं।

केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि ‘नरेंद्र मोदी जी ने तो आपको फोन किया कि कोरोना से कैसे लड़ा जाए और भारत सरकार सबके साथ है। आपने आभार व्यक्त करने की बजाय उनकी आलोचना की। प्रधानमंत्री जी ने अपना बड़प्पन दिखाया, लेकिन आपने अपनी और मुख्यमंत्री पद की गरिमा गिरा दी। आप इस बात का ध्यान रखें कि झारखंड के साढ़े तीन करोड़ लोग इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। अपने राज्य की देखभाल करने की बजाय इस तरह की आलोचना करने से बचकर, सामूहिक कार्य कर, इस लड़ाई को कैसे जीतें, यह सुनिश्चित करना चाहिए।’

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ‘ये है झारखंड की सच्चाई। हेमंत जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। जिस शिद्दत से झारखंड सरकार अपनी नाकामी का ठिकरा केंद्र पर फोड़ने की कोशिश कर रही है, यह प्रयास स्वास्थ्य सेवा की बेहतरी के लिए किया होता तो राज्य में मौत का आंकड़ा छिपाना नहीं पड़ता। हेमंत जी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पर की गई टिप्पणी अमर्यादित है। वे लगातार अपनी अक्षमता प्रदर्शित करते रहे हैं। उनसे राज्य नहीं संभल रहा हो और केंद्र की मदद के बिना एक काम भी नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें सत्ता केंद्र सरकार को ही सौंप देनी चाहिए।’

झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि ‘देश ने शायद ही कभी ऐसा स्तरविहीन मुख्यमंत्री देखा होगा। प्रधानमंत्री जी ने बड़ा हृदय दिखाते हुए मुख्यमंत्री को फोन किया लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान की निंदा आज झारखण्ड का प्रत्येक नागरिक कर रहा है। काश सुनसान सड़कों पर घूमने के बजाए अस्पतालों में जाकर देखते की स्थिति क्या है?

असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल ने सोरेन के ट्वीट को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और कहा कि ‘हेमत सोरेन का ट्वीट दुर्भाग्यपूर्ण है। वह केवल इस मामले पर राजनीति करना चाह रहे हैं। पीएम मोदी का हर प्रयास और कार्य केवल जनता और राष्ट्र के लिए है।’

गुरुवार रात पीएम मोदी ने हेमंत सोरेन से राज्य की कोविड-19 स्थिति के बारे में बात की। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा कि ‘आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते।’

Originally Published At-NavbharatTimes