FATF से पाकिस्तान को बड़ा झटका, किया ब्लैकलिस्ट

FATF gives a big blow to Pakistanइमरान खान को एक बड़ा झटका देते हुए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। आतंकवाद का समर्थन करने और आतंकी संगठनों को फंडिंग करने वाले पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका मिला है।

पेरिस स्थित वैश्विक निकाय के एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) ने पाकिस्तान को 11 में से 10 के प्रभावी पैरामीटर पर दोषी ठहराया।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) ने यह भी पाया है कि आतंक के वित्तपोषण(टेरर फंडिंग) और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 अनुपालन मानकों में से 32 पर पाकिस्तान गैर-अनुपालन कर रहा था। एफएटीएफ एपीजी की बैठक कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया में हुई थी और यह चर्चा दो दिनों में सात घंटे तक चली थी।

एफएटीएफ की ओर से ब्लैलकलिस्टप की सूची में डाले जाने से पाकिस्तांन की अर्थव्यवस्था पर और बुरा असर होगा। अब पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर कर्ज लेने में और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अभी पाकिस्तान वैसे भी कंगाली के दौर से गुजर रहा है। कश्मीर मुद्दे पर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जती भी झेलनी पड़ रही है।

एक भारतीय आधिकारिक ने कहा, “एपीजी ने पाकिस्तान को अपने मानकों को पूरा करने में विफल रहने के लिए बढ़ी हुई फॉलोअप सूची (ब्लैक लिस्ट) में रखा है।”

एक अन्य अधिकारी ने कहा, अब पाकिस्तान को अक्टूबर में ब्लैकलिस्ट से बचने के लिए ध्यान केंद्रित करना होगा, जब एफएटीएफ की 27-बिंदु कार्य योजना पर 15 महीने की समय सीमा समाप्त हो जाएगी।

बता दे की पेरिस स्थित वैश्विक संस्था आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर रोक लगाने के लिए काम कर रही है और उसने पाकिस्तान से देश में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के संचालन के खिलाफ पुर्नविचार करने के लिए कहा है। इस संस्था की स्थासपना 1989 में मनी लॉन्ड्रिंग से लड़ने के लिए किया गया था। 2001 में इसने आतंकी फंडिंग से भी लड़ने को लेकर काम शुरू किया था। इसका सचिवालय पेरिस में है।

गौरतलब है की पिछले साल जून में, एफएटीएफ ने पाकिस्तान को उन देशों की ग्रे सूची में रखा था, जिनके घरेलू कानूनों को धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण की चुनौतियों से निपटने के लिए कमजोर माना जाता है।

एफएटीएफ की ओर से ब्लैकलिस्ट, की सूची में डाले जाने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर और बुरा असर होगा। पाकिस्तान पर इस कार्रवाई के बाद अब उसकी आर्थिक हालात और पतली होनी तय है। पाकिस्तान को दुनिया में कर्ज मिलना और अधिक मुश्किल हो जाएगा। पाक को वर्ल्ड बैंक, आइएमएफ, एडीबी, यूरोपियन यूनियन जैसी संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो सकता है। वहीं मूडीज, स्टैंडर्ड ऐंड पूअर और फिच जैसी एजेंसियां उसकी रेटिंग घटा सकती हैं।