किसानों की दिवाली से पहले हुई मौज, खाते में पहुंचे 2000 रुपये

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अपने चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने किसानो के उत्थान के लिए कई योजनाओ का एलान किया था, उनमे से एक पीएम किसान सम्मान निधि है।

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme

योजना के तहत सरकार किसानों की आर्थिक मदद करती है। उल्लेखनीय है कि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को साल में तीन किस्त में 6000 रुपये दिए जानें है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार ने देश के सभी 14.5 करोड़ अन्नदाताओं के लिए इसे लागू कर दिया है।

किसी भी जगह के किसान को, पीएम-किसान सम्मान निधि का पैसा तभी मिलता है जब वहां की राज्य सरकार उस क्षेत्र के किसानों का ब्योरा केंद्र सरकार को भेजे। जहां पर कम किसानों का ब्योरा भेजा गया वहां पर बहुत कम किसानों को इसका फायदा मिला है।

इस योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का फायदा अब दिल्ली और सिक्किम को भी मिलेगा। दिल्ली सरकार ने जैसे ही अपने किसानों का डाटा केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजा, वैसे ही 11,495 किसानों के बैंक अकाउंट में 2-2 हजार रुपये की रकम भेज दी गई। वहीं, सिक्किम में 4470 किसानों को पैसा भेजा गया है। हालांकि पश्चिम बंगाल और लक्षद्वीप के एक भी किसान को इसका फायदा नहीं मिल सका है। क्योंकि दोनों ने अपने किसानों के नाम केंद्र सरकार को नहीं भेजे।

माना जा रहा है कि चुनाव से पहले केजरीवाल सरकार ने इसलिए दिल्ली के किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ देने के लिए हरी झंडी दे दी है ताकि चुनाव में बीजेपी आम आदमी पार्टी को घेर न पाए। क्यों की लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बंगाल में इसे मुद्दा बना दिया था। बीजेपी प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि कुछ राज्यों की अपनी वजहें हो सकती हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की सरकार तो अपनी जिद की वजह से किसानों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ लेने से वंचित कर रही है।

इन राज्यों के सबसे अधिक किसानों ने उठाया इस योजना का लाभ:

उत्तर प्रदेश- 10849465
आंध्र प्रदेश- 3296278
गुजरात- 2729934
महाराष्ट्र- 1427585
तमिलनाडु- 1945210
तेलंगाना- 1875941
पंजाब- 1119039
असम- 945050
जम्मू और कश्मीर- 446542
हरियाणा-938362

योजना से जुड़े आंकड़े बताते है की इस योजना का सबसे अधिक लाभ उत्तरप्रदेश के किसानो को हुआ है। आंकड़े की माने तो यूपी में 1,08,49,465 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त ट्रांसफर की जा चुकी है। वही इस योजना का लाभ उठाने में पश्चिम बंगाल, राजस्थान जैसे राज्य पीछे दिखाई पड़ रहे है| इसकी बड़ी राजनीतिक वजह है।

इन दो राज्यों को छोड़ दें तो अब तक देश के 7.48 करोड़ किसानों ने इसका लाभ उठा लिया है। आखिर कुछ राज्य सरकारें क्यों पीएम-किसान के साथ सहयोग नहीं कर रही हैं और वे अपने किसानों को क्यों केंद्र सरकार के सहयोग से वंचित रख रही हैं? केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल और लक्षद्वीप ने अपना ब्योरा पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। यानी इन राज्यों ने किसी किसान का नाम केंद्र सरकार को भेजा ही नहीं है।

बता दे की वैसे किसान जो इस बात को लेकर संसय में है कि उनका नाम किसानो की उस लिस्ट में है या नहीं जिसके आधार पर केंद्र सरकार, किसानो को सालाना 6000 रूपये देने वाली है। तो ऐसे किसान अपना नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अधिकारिक वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाकर चेक कर सकते है।

 


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