सियासी धोखाधड़ी का जीता जागता उदाहरण है किसान आंदोलन – मोदी

पीएम मोदी ने पिछले साल पारित कृषि कानूनों के विरोध को ‘राजनीतिक धोखाधड़ी’ करार दिया है। मोदी ने एक मैगजीन को दिए गये इंटरव्‍यू में कहा, ‘कई राजनीतिक दल हैं जो चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करते हैं, उन्‍हें मैनिफेस्‍टो में भी डालते हैं। फिर, जब वक्‍त आता है वादा पूरा करने का तो यही दल यू-टर्न ले लेते हैं और अपने ही किए वादों को लेकर हर तरह की मनगढ़ंत और झूठी बातें फैलाते हैं। अगर आप किसान हित में किए गए सुधारों का विरोध करने वालों को देखेंगे तो आपको बौद्धिक बेइमानी और राजनीतिक धोखाधड़ी का असली मतलब दिखेगा।’

पहले मांग, अब विरोध ये तो बौद्धिक बेइमानी

तथाकथित किसानों पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने बोला  ‘ये वही लोग हैं जिन्‍होंने मुख्‍यमंत्रियों को पत्र लिखकर वही करने को कहा जो हमारी सरकार ने किया है। ये वही लोग हैं जिन्‍होंने अपने मैनिफेस्‍टो में लिखा कि वे वही सुधार लागू करेंगे जो हम लेकर आए हैं। फिर भी, चूंकि हम एक अलग राजनीतिक‍ दल हैं, जिसे लोगों ने अपना प्‍यार दिया है और जो वही सुधार लागू कर रहा है, तो उन्‍होंने पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है और बौद्धिक बेइमानी का भौंडा प्रदर्शन कर रहे हैं। यह पूरी तरह से नजरअंदाज कर लिया गया है कि किसान हित में क्‍या है, सिर्फ इसकी सोची जा रही है कि राजनीतिक रूप से उन्‍हें फायदा कैसे होगा। लेकिन जनता सब देख रही है और आने वाले वक्त में वो ही इन्हे करारा जवाब देगी।

मोदी को कोई रोक नहीं पाएगा

पीएम मोदी ने इंटरव्‍यू में साफ कर दिया कि ‘जो लोग ऐसे विवाद पैदा करते हैं, उन्‍हें लगता है कि मुद्दा ये नहीं कि इन फैसलों से जनता को फायदा होगा कि नहीं। उनके लिए मुद्दा ये है कि अगर इस तरह के फैसले लिए गए तो मोदी की सफलता को कोई रोक नहीं पाएगा।’  मोदी ने कहा, ‘आपको नहीं लगता कि राजनीतिक दल अपना माखौल बना रहे थे जब उनके सदस्‍यों ने नई संसद की जरूरत पर बात की, पिछले स्‍पीकर्स ने कहा कि नई संसद की जरूरत है? लेकिन अगर कोई ऐसा करने चले तो वे लोग कुछ बहाने बनाकर विरोध करेंगे, यह कितना सही है?’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘हम छोटे किसानों को सशक्‍त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कृषि कानूनों को लेकर सरकार पहले दिन से कह रही है जिन बिंदुओं पर असहमति है, सरकार बैठकर उसपर बात करने के लिए तैयार है। इस संबंध में कई बैठकें भी हुई हैं लेकिन अभी तक कोई एक शख्‍स भी यह बता नहीं सका है कि किस बिंदु में बदलाव की जरूरत है।

इतना ही नही पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए साफ किया कि पहले सरकारे सिर्फ सरकार चलाने के लिये थी लेकिन अब की सरकार देश चलाने के लिये है। ऐसे में देश को जिस फैसले से नुकसान होगा उसे तुरंत बदला जायेगा लेकिन अगर किसी फैसले से लोगों का जीवन बदलता है तो उसे लागू रखा जायेगा फिर विपक्ष उसपर कितना भी सियासत करे लेकिन वो सफल होने वाले नहीं।