मोदी सरकार में कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाता, रेलमंत्री ने दो अफसरों को भेजा छुट्टी पर  

नया भारत तेज रफ्तार में दौड़ रहा है नया भारत कठिन लक्ष्य को तय समय में आज पूरा करता है। और अगर दौड़ते हुए भारत की कोई स्पीड धीरे करने की सोचता है तो उसके मनसूबों को कभी भी पूरा नही होने देता है फिर वो कोई भी क्यों ना हो। इसी क्रम में वंदे भारत की समीक्षा बैठक में मिली खामियों को लेकर नाराज वैष्णव ने सचिव स्तर के आला अफसर को तत्काल छुट्टी पर भेज दिया जो ये दर्शाता है कि सरकार को जनता के हित में होने वाले काम को लेकर कोताही बिलकुल बर्दाश्त नही है।

कोताही बरतने वाले अफसरों पर गिरी गाज

देश में तेजी से विकास हो इसके लिये मोदी सरकार रात-दिन काम की समिक्षा में जुटी रहती है। इसी क्रम में रेलमंत्री ने जब वंदे भारत ट्रेन योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की तो कई अधिकारियों के जवाब से खुश नजर नही आय़े जिसके बाद उन्होने ने सचिव स्तर के आला अफसर को तत्काल छुट्टी पर भेज दिया। इसी मामले में कुछ और अफसरों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। कुछ और अफसरों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की सलाह दी गई है। भारतीय रेलवे के कामकाज को पटरी पर लाने और सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए रेल मंत्री वैष्णव लगातार अफसरों को चेताते रहे हैं। इस बीच कई अफसरों की फटकार भी लगाई गई।

पीएम मोदी ने की थी 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाने की घोषणा

प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से देश के कोने कोने को आपस में जोड़ने के लिए 75 सप्ताह में कुल 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के चलाने की घोषणा की थी। रेलमंत्री वैष्णव इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रख रहे। मंत्रालय में इसे लेकर बैठकों का दौर लगातार चल रहा है। इसपर जब इस तरह की कोताही की बात सामने निकल कर आई तो तुरंत एक्शन लेते हुए ये साफ कर दिया गया है कि अगर मगर नहीं सिर्फ काम को तवज्जों दिया जायेगा और अघर काम नहीं हुआ है तो एक्शन लिया जायेगा।

बस यही बदलाव पिछले सात सालों में देखा जा रहा है जिससे देश तेज स्पीड में विकास कर रहा है वरना पहले तो सिर्फ आदेश निकलते थे औऱ उसपर विचार विमर्श ही होता रहता था। लेकिन ये सोच अब बदली है जो भारत को तेजी से आगे ले जा रही है।