विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

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गुरुवार को एक सेमिनार के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि सार्क की कुछ समस्याएं हैं, जिनके बारे में सभी जानते है| न केवल आतंकवाद बल्कि व्यापार और कनेक्टिविटी भी मुद्दा है| उन्होंने आगे सार्क और बिम्सटेक देशों के ग्रुप की तुलना करते हुए कहा की जहाँ सार्क देशो में कुछ समस्याएं है वहीं बिम्सटेक में अपार संभावनाएं नजर आती है|

इस बात से सीधे पाकिस्तान के ऊपर कटाक्ष किया गया है| उन्होंने आगे कहा की बिम्सटेक से एक सकारात्मक उर्जा आती है| बस इसी का लाभ उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया था|

बताते चलें कि 2014 के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशो को बुलाया गया था, तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी शपथ ग्रहण समारोह में शरीक हुए थे| उसके बाद 2014 के काठमांडू में हुए सार्क सम्मलेन में प्रधानमंत्री मोदी ने शिरकत की थी|

उसके बाद 2016 में सार्क सम्मेलन इस्लामाबाद में होना था। लेकिन उसी साल 18 सितंबर को उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने उसका बहिष्कार किया था। भारत के समर्थन में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान द्वारा भी बहिष्कार किए जाने के बाद सार्क सम्मेलन को ही रद्द करना पड़ा। तबसे भारत बिम्सटेक को बढ़ावा दे रहा है|

जयशंकर ने की सुषमा स्वराज के काम की तारीफ

विदेश मंत्री जयशंकर ने विदेश मंत्रालय के आगे के काम काज के बारे में कहा, “पूर्वतर्ती सुषमा स्वराज ने काफी बेहतरीन काम किया था, उनके प्रयासों की वजह से आज विदेश में रहने वाले भारतीयों को उम्मीद है कि सरकार हर जरुरत के समय में उनकी मदद करेगी| इससे विदेश मंत्रालय की छवि बदल गई है| आगे भी हम उनके काम को आगे बढाएँगे|”

विदेश मंत्री ने आगे बात करते हुए कहा की “भारत दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, तो भारत की प्रमुख जिम्मेदारी है की वह अपने साथ पड़ोसियों के विकास में भी मदद करे|”

नए विदेश मंत्री ने बीजेपी की प्रचंड जीत पर कहा की जनता ने सुरक्षा और विदेश नीति में सरकार पर विश्वास जता कर वोट दिया है और हम जनता के विश्वास का मान रखते हुए बेहतर काम करेंगे|