विदेश मंत्री एस जयशंकर बांग्लादेश और नेपाल की चार दिवसीय यात्रा पर, शुरुआत बांग्लादेश से की

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External Affairs Minister S Jaishankar

MODI 2.0 की सरकार में विदेश मंत्रालय का कार्यभार एस जयशंकर को सौपा गया है | केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना कार्यभार सँभालते हुए अब भारत और अन्य देशों के बीच मजबूत रिश्ते कायम करने के लिए अपने विदेश दौरे की शुरुआत कर दी है | फिलहाल एस जयशंकर हमारे पडोसी देश बांग्लादेश के दौरें से की है | और इसी क्रम में वो बीते सोमवार को बांग्लादेश पहंचे | ढाका में हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर विदेश मंत्री का स्वागत उनके बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन ने किया | सूत्रों का कहना है की एस जयशंकर भारत और बांग्लादेश के बीच ‘‘विशेष’’ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के दो दिवसीय दौरे पर बांग्लादेश पहुंचे है |

गौरतलब है कि जयशंकर बांग्लादेश और नेपाल की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री बनने के बाद जयशंकर की यह पहली बांग्लादेश यात्रा है।

विदेश मंत्री के तौर पर एस जयशंकर का पहला ‘बांग्लादेश’ यात्रा

PM मोदी की विदेश नीति के पथ पर चलते हुए एस जयशंकर ने बतौर विदेश मंत्री अपने पडोसी मुल्क बांग्लादेश जाने का फैसला किया और दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मजबूत करने के लिए बीते सोमवार बांग्लादेश पहुंचे | ढाका पहुँचने के बाद मीडिया के साथ बातचीत में एस जयशंकर ने बताया की ‘‘ढाका में अपने प्रवास को लेकर आशान्वित हूं और उम्मीद करता हूं कि यह फलदायी होगा तथा भारत-बांग्लादेश के विशेष संबंध को और मजबूती देने पर चर्चा होगी |”

बता दे की एक महीने के अन्दर दोनों देशों के बीच होने वाला ये दूसरा संवाद होगा | इससे पहले भी 7-8 अगस्त को बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमान खान ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से द्विपक्षीय बातचीत की थी|

शेखमुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि

सूत्रों के मुताबिक अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत विदेश मंत्री एस जयशंकर, मंगलवार की सुबह धनमंडी में ‘बंगबंधु संग्रहालय’ में देश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि देने के साथ किया और इसके बाद जयशंकर अपने समकक्ष मोमेन के साथ बैठक की और दोपहर में प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करने गए |

External Affairs Minister S Jaishankar met his Bangladeshi counterpart A K Abdul Momen

बांग्लादेश के दौरे पर एस जयशंकर ने कहा है कि असम में दस्तावेज तैयार करने और अवैध प्रवासियों की पहचान की प्रक्रिया भारत का आंतरिक मामला है। इस मामले को लेकर किसी तरह का मतभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने समकक्ष ए.के.अब्दुल मोमेन से मुलाकात कर कहा कि दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना होगा।

जयशंकर वहां से पांचवें नेपाल-भारत संयुक्त आयोग की पांचवीं बैठक के लिए बुधवार की सुबह काठमांडू के लिए रवाना हो गए।

कौन है एस जयशंकर ?

1977 में IFS अधिकारी रह चुके विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक की डिग्री और राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री प्राप्त की है | साथ ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एमफिल और पीएचडी की डिग्री भी प्राप्त की है | बता दे की एस जयशंकर मास्को में भारतीय दूतावास में पहले सेक्रेटरी के तौर पर भी नियुक्त किये जा चुके है | जयशंकर को कई अन्य देशों के भाषाओँ का भी ज्ञान है | उन्हें रुसी, जापानी और हंगेरियन भाषाओं की भी अच्छी समझ है |

 


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