केजरीवाल की नहीं ईवीएम की जीत हुई है..

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दिल्ली में आम आदमी पार्टी मतगणना से पूर्व ईवीएम को लेकर जिस तरह से चिंतित थी और चुनाव आयोग पर आशंका जाता रही थी , लेकिन अब चुनाव परिणामों के बाद ईवीएम पर कोई चिंतित नहीं दिखाई दे रहा है। दिल्ली में आ रहे चुनाव परिणाम से आम आदमी पार्टी (आप) को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है।

केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता अब ईवीएम पर कुछ नहीं बोल रहे है। दिल्ली चुनाव के बाद दो दिनों से आम आदमी पार्टी के नेता प्रवक्ता लगातार ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने की आशंका जता रहे थे, लेकिन मंगलवार को मतगणना के दिन उनके सुर बदले हुए हैं। आप के सांसद संजय सिंह समेत तमाम नेताओं ने पिछले दो दिनों में ईवीएम को लेकर खूब बयानबाजी की थी, लेकिन आज उनकी पार्टी के नेता ईवीएम का गुणगान करते नजर आए। आज पार्टी के नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी होने की कोई आशंका नहीं जताई है। पार्टी के बड़े नेता और राज्यसभा के सांसद संजय सिंह ने दो दिन पहले कहा था कि मतदान केन्द्र के बाद जिन ईवीएम को संबंधित स्ट्रॉग रूम में जाना चाहिए वे ईवीएम सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से इधर-उधर ले जाई जा रही है। संजय सिंह ने आशंका जताई कि ईवीएम में गड़बड़ी की जा सकती है।

अगर ये रिजल्ट आम आदमी पार्टी के पक्ष में नहीं आता तो इन्हीं आम आदमी पार्टी के नेताओं के सुर ईवीएम को लेकर क्या होता, ये जग-जाहिर है। खैर रिजल्ट जो भी हो और जनता ने जिस भी पार्टी को चुना हो, एक बात तो साफ़ हो गयी है, दिल्ली में ईवीएम जीत गयी है। देखिये इस विडियो के जरिये ईवीएम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कैसे सवाल उठाये थे :

दिल्ली में दोबारा आम आदमी पार्टी की सरकार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी दोबारा से सरकार बनाते हुए दिख रही है. चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार 70 में से 62 सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे बनी हुई है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने केवल आठ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दूसरी तरफ कांग्रेस की बात करें तो वह पिछली बार की तरह इस बार भी अपना खाता खोलने में नाकाम दिख रही है।

बता दे की दिल्ली के 70 विधानसभा सीटों के लिए 8 फरवरी को 62.59% वोट डाले गए थे। भाजपा 22 साल और कांग्रेस 7 साल से सत्ता से दूर है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब तीसरी बार दिल्ली के सीएम बनने जा रहे हैं। वे पहली बार 2013 में 48 दिन इस पद पर रहे, फिर इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दूसरी बार 14 फरवरी 2015 को सत्ता संभाली थी।

 


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