कश्मीर पर पीएम मोदी की बैठक से पहले ही कई नेताओं के उतरे नकाब

कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद से ही कश्मीर घाटी विकास के पथ पर चल पड़ी है यही वजह है कि इसकी स्पीड धीमी ना हो इसके लिये पीएम मोदी ने घाटी की सभी पार्टियों के साथ एक बैठक रखी है, लेकिन पीएम मोदी की बैठक के पहले ही राज्य की जनता उन्हे पहचान रही है जो उसके और विकास के बीच में सालों से खड़े थे।

 

कश्मीरी जनता को भारत पंसद है

कश्मीर से जब धारा 370 हटाई गई तो वहां की आवाम ने सबसे ज्यादा जश्न मनाया लेकिन वहां की लोकल पार्टियों में उतना ही मातम छा गया था। हालांकि जनता ने खुलेमन से इस फैसले को कबूला और भारत के साथ मिलकर विकास के कामो में जुट गये खुद कश्मीर के लोगों ने इस फैसले को सबसे बेहतर फैसला बताते हुए बोला कि अब वो भी शान से बोल सकेंगे की वो हिंदुस्तानी है। जिसका नमूना 15 अगस्तन और 26 जनवरी को देखने को मिला जब डल झील से लेकर कश्मीर के लालचौक तक खुद कश्मीरियों ने तिंरगा लहराया। जो ये साफ बताता है कि कश्मीर के दिल्ली में भारत बसता है। कश्मीर दिवस के मौके पर पाकिस्तान द्वारा फैलाये आतंकवाद को लेकर कश्मीर में लगे पाकिस्तान के खिलाफ बैनर भी इसके सबूत हैं लेकिन इसके बाद भी कश्मीर के विकास के खिलाफ कुछ अपना फायदा चाहने वाले कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को बीच में खिंच रहे हैं जबकि अच्छी तरह से जानते हैं कि कश्मीर मुद्दा भारत का मुद्दा है ऐसे में पाकिस्तान को बीच मे लाना देश के विरूद्ध कदम होगा। लेकिन कुछ लोग अभी भी कश्मीर में बह रही हवा को नही समझ पा रहे हैं और पुराना राग गा रहे है जबकि कश्मीर अब बदल गया है।

कश्मीर पर मोदी का क्या प्लान है?

वैसे धारा 370 हटाने से पहले भी किसी को अंदाजा नहीं था कि मोदी जी इतना बड़ा और सख्त फैसला ले सकते हैं, लेकिन उन्होंने लिया, ठीक इसी तरह कश्मीर को लेकर मोदी जी का अगला क्या प्लान है ये समझना अभी काफी मुश्किल है लेकिन जिस तरह से उन्होने कश्मीर के सभी दल को बैठक में बुलाया है उससे ये साफ हो रहा है कि पीएम मोदी कश्मीर में तेजी से विकास कार्यों को पूरा करने पर जोर दे सकते हैं। साथ ही कश्मीर में आतंक के खिलाफ रोडमैप तैयार कर सकते हैं लेकिन ऐसे में अगर पार्टियों ने पुराना राग गाया तो वो उनको क्या जवाब देंगे ये देखने वाली बात होगी।

फिलहाल हम तो यही बोल सकते हैं कि ना घोड़ा दूर है और ना ही मैदान कल पीएम मोदी की बैठक के बाद साफ हो जायेगा कि आखिर उनका क्या प्लान है लेकिन इतना जरूर है कि बैठक के पहले उन्होने फिर से उन लोगों के नकाब उठा दिये जिन्हे पाकिस्तान पंसद है।