EPFO Payroll Job Data के मुताबिक – मोदी सरकार में नौकरियों की बहार

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वैसे लोग जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर रोजगार को लेकर नित नए आरोप गढ़ते थे| उनके लिए अच्छी खबर नहीं है| अब अलग-अलग आंकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में नित नए रोजगार के अवसर पैदा हुए है| अब इसी क्रम में एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के हालिया पेरोल डाटा के मुताबिक फॉर्मल सेक्टर में नई नौकरियों का आंकड़ा बीते जनवरी में 8.96 लाख रहा, जो पिछले 17 महीनों में सबसे ज्यादा है| मालूम हो कि एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन अप्रैल 2018 से पेरोल डाटा जारी कर रहा है, तब सितम्बर 2017 का डाटा जारी हुआ था| इस जनवरी महीने में जो नए रोजगार सृजित हुए है, वो एक साल पहले इसी महीने की तुलना में 131 फीसदी अधिक है| इससे पहले बीतें साल जनवरी में एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के अंशधारको की संख्या 3.87 लाख बढ़ी थी| वही ईपीएफओ के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2017 से जनवरी 2019 तक 17 महीनों में कुल 76.48 लाख नए लोग ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा स्कीम से जुड़े| जिससे यह साफ़ संकेत मिलता है की पिछले17 महीनो में फॉर्मल सेक्टर में बड़ी तादाद में नौकरियां पैदा हुई है| इसके अलावा जनवरी 2019 में ईपीएफओ पर नेट एनरोलमेंट 8,96,516 था जो सितंबर 2017 के बाद से सबसे ज्यादा है।

स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज में 14 फीसदी बढ़ी नौकरियां

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सीआईआई के एक सर्वे जिसमे देश के 28 राज्यों के 350 औद्योगिक केंद्रों में स्थित 1.05 लाख MSME फर्मों को शामिल किया गया उसके मुताबिक पिछले चार सालों के दौरान माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज सेक्टर में 13.90 फीसदी ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए है| अगर इसको आंकड़ो के लिहाज से समझा जाए तो इन क्षेत्रो में करीब 3,32,394 नई नौकरियां मिली है| जो रोजगार सृजन के लिहाज से सालाना 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी को दर्शाता है|

स्वास्थ्य व बीमा क्षेत्र में करीब 10 लाख नयी नौकरियां सृजित होंगी

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मोदी सरकार के अहम् योजनाओ में से एक आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, स्वास्थ्य एवं बीमा क्षेत्रो में नौकरियों की बहार लेकर आने वाली है| एक अनुमान के मुताबिक इस योजना को जितने व्यापक स्तर पर शुरू किया गया है, उसके सहारे समूचे देश में इन क्षेत्रो में करीब 10 लाख नए रोजगार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सृजन होगा| संबधित योजना के सीईओ डॉ इंदु भूषण ने भी इस अनुमान का समर्थन करते हुए बताया है कि जिस वृहद् स्तर पर इस योजना का क्रियान्वन होना है| उस हिसाब से इस क्षेत्र में बड़ी तादाद में नयी नौकरियों का सृजन होना तय है| मालूम हो कि इस योजना के अंतर्गत देश के दस करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानि 50 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये सालाना का हेल्थ कवर दिया जाना है|

रेलवे में लाखो लोगो को रोजगार देने की है योजना

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नए नौकरियों के सृजन के लिहाज से अगर किसी क्षेत्र में सबसे बड़ा मौका है तो वो है रेलवे| दरअसल, रेलवे में मोदी सरकार रिकॉर्ड करीब 1 लाख 30 हजार लोगो को रोजगार देने की योजना बना रही है| कयास लगाये जा रहे है कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) जल्द ही नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) के पदों पर भर्ती का नोटिफकेशन जारी कर सकता है| इसके तहत एक लाख 30 हजार भर्तियों में से एक लाख भर्तियां लेवल -1 पदों के लिए और बाकि पैरामेडिकल स्टाफ, नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी, मंत्रालय और आइसोलेटिड कैटेगरी में की जा सकती हैं| इससे पहले भी रेलवे में लाखो पदों पर नियुक्तियों के विज्ञापन निकाले जा चुके है और उसको लेकर नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है|

आगामी 3 साल में रोजगार के अवसरों में होगा काफी इजाफा

उद्योग संगठन सीआईआई का कहना है कि अगले तीन साल के दौरान नौकरियों के मौके में इजाफा होने की काफी सम्भावना है| ऐसा होने के पीछे का वजह छोटे एवं मध्यम उद्योगों पर ब्याज में दो फीसदी छुट और ट्रेड रिसविवेबल्स ई-डिस्काउंटिंग सिस्टम होगा|

स्किल डेवलपमेंट के तहत प्रशिक्षित युवाओ के लिए रोजगार के अनेको मौके

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मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गए अनेको महत्वाकांक्षी योजनाओ में से एक स्किल डेवलपमेंट मिशन ने युवाओ के भविष्य को संवारने में अहम् किरदार निभाया है| इस योजना के तहत प्रशिक्षु युवाओ को रोजगार के अवसर को ढूंढने के लिए कड़ी मसक्कत नहीं करनी पड़ती है| इसके अलावा प्रशिक्षण लेने के इच्छुक युवाओ को कही दूर न जाना पड़े इसलिए सरकार ने समूचे देश में करीब 13,000 से अधिक प्रधानमंत्री कौशल प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कराया है|

आने वाले दिनों में “मेक इन इंडिया” के तहत रोजगार के करोड़ो अवसर

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मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गए “मेक इन इंडिया” कांसेप्ट न केवल देश के अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि रोजगार सृजन के मामले में भी अहम् भूमिका निभाएगी| इस कांसेप्ट से जुड़े लोगो का कहना है कि यह सरकार द्वारा शुरू की गयी एक ऐसी योजना है जिसके अनेको फायदे है| यह न केवल देश के अर्थव्यवस्था को निरंतर बढ़ाएगा बल्कि यह योजना रोजगार के क्षेत्र में सबसे अहम् किरदार निभाने का माद्दा रखता है| एक अनुमान के तहत इस योजना के अंतर्गत आने वाले सालो में करोड़ो नौकरियों के सृजन होने की उम्मीद है|