चुनाव आयोग आपके घर पहुंचकर करवायेगा मतदान

कोरोना महामारी ने ना केवल हमारा रहन सहन बदला बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाला सबसे अहम पहलू मतदान करने का तरीका भी बदलने वाला है। वैसे भी अगर लोकतंत्र को जीवित रखना है तो मतदान को तय वक्त में करवाना ही होगा। फिर कोरोना महामारी का दौर ही क्यों ना हो और इसके लिये भारत का चुनाव आयोग अब आपके घर पहुंचकर अपसे मतदान करवायेगा।  

 

घर बैठे करे वोटिंग

उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के में पहली बार चुनाव आयोग लोगों के घर पहुंचकर मतदान करवायेगी। चुनाव आयोग की माने तो इस बार 80 साल से अधिक आयु के लोग, विकलांग व्यक्ति, और कोविड  प्रभावित लोग जो मतदान केंद्र पर नहीं आ पा रहे हैं चुनाव आयोग उनके दरवाजे पर वोट के लिए पहुंचेगा। आयोग की माने तो सभी दलों ने तय वक्त में चुनाव होने की वकालत की। इस दौरान सभी दलों को कोरोना गाइडलाइन और प्रोटोकाल को मानने की हिदायद दी गई। इसके साथ साथ आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से चुनाव वाले राज्यो में तेजी के साथ वैक्सीनेशन करने को भी बोला। इतना ही नहीं इस बार पहली बार यूपी के 800 पोलिंग बूथ ऐसे होंगे जहां पर सभी कर्मचारी महिला ही होंगे। महिला सशक्तिकरण के लिहाज से चुनाव आयोग एक बड़ा कदम उठा रहा है।

1 लाख मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग

चुनाव आयोग ने कहा कि देश में बढ़ते ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों के बीच विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। आयोग ने जानकारी दी कि चुनाव की तारीखों का ऐलान पांच जनवरी के बाद किया जा सकता है। कोरोना से संक्रमित मरीज भी अपने वोट डालने के अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। आयोग के मुताबिक, कोविड संक्रमित लोग घर से ही वोट कास्ट कर सकेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग के प्रतिनिधि PPE किट पहनकर मरीजों के घर जाएंगे। आयोग ने एक महत्वपूर्ण जानकारी और दी है, जिसमें कहा गया है कि इस बार कोरोना को देखते हुए वोट डालने के समय को एक घंटा बढ़ाया जाएगा। यानी मतदान सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इससे पहले वोटिंग का समय सुबह 8 से शाम 5 बजे तक था। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1 लाख मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा, सभी मतदान अधिकारी फुली वैक्सीनेटेड होंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट लगाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1 लाख मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा, सभी मतदान अधिकारी फुली वैक्सीनेटेड हों।

वैसे राज्य के विकास के लिये चुनाव होना जरूरी है और इस बात को चुनाव आयोग अच्छी तरह जानता है तभी तो ओमीक्रोन वायरस के बीच में भी चुनाव करवाने की तैयारी कर रहा है। वैसे भी समय के साथ सब बदल गया है ऐसे में चुनाव का ये नया तरीका भी कैसा होगा ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। लेकिन हर मतदाता से हमारी यही अपील है कि वो कोरोना से बचने के लिये नियमों का पालन जरूर करे।