लॉकडाउन के दौरान इन योजनाओं से देश संभल पाया

कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा को आज एक साल पूरा हो चुका है। पिछले साल 24 मार्च को रात आठ बजे पीएम नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। इस दौरान आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को छोड़कर बाकी सबके घर से निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। हालांकि बाद में लॉकडाउन की अवधि धीरे-धीरे कर मई आखिर तक बढ़ाई गई जिससे हर कोई प्रभावित हुआ। गरीबों की सहायता के लिए सरकार ने लॉकडाउन के दो दिन बाद ही राहत पैकेज के तौर पर कुछ अहम घोषणाएं कीं। लॉकडाउन का ठीक एक साल हो जाने पर चलिये जानते है फिर से उन कुछ खास सरकारी राहतो के बारे में जिनके दम पर हम कोरोना से जग में बेहतर से मुकाबला कर सके।

Actively considering imposing lockdown, night curfew in Delhi: AAP govt to  HC

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना ने लॉकडाउन के वक्त ऐसी वरदान साबित हुई कि विश्व भी आज इस योजना की तारीफ में कसीदे पढ़ रहा है। इस योजना के तहत राशन कार्ड धारक 80 करोड़ गरीब लोगों को राशन की दुकानों से 5 किलो अतिरिक्त गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह फ्री में मिलने की घोषणा हुई। यह उन्हें मौजूदा मिलने वाले 5 किलो राशन के अतिरिक्त था। इसके अलावा प्रति परिवार को उनकी पसंद की 1 किलो दाल भी अगले 3 माह तक फ्री में दिए जाने का ऐलान हुआ। पहले इस योजना को केवल 3 माह तक लागू किया गया लेकिन बाद में इसे दिवाली तक बढ़ाया गया। कोरोना काल में लोगों को मुफ्त में राशन देने की ये सबसे बड़ी योजना थी।

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महिलाओं को क्या राहत

मार्च 2020 में सरकार ने जनधन अकाउंट धारक 20.5 करोड़ महिलाओं को अगले तीन माह तक 500 रुपये प्रति माह देने का फैसला किया। यह राशि उनके खातों में डाली गई। देश में 63 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए कोलेट्रल फ्री लोन का अमाउंट 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिए जाने की भी घोषणा हुई। उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन धारक 8.3 करोड़ बीपीएल परिवारों को अगले तीन माह तक फ्री में सिलिंडर दिए जाने का ऐलान हुआ।

किसान बुजुर्ग और मनरेगा मजदूरों को मिली थी ये राहत

पीएम किसान योजना के तहत 8.70 लाख किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त अप्रैल के पहले सप्ताह में ही डाल दिए जाने का ऐलान हुआ। मनरेगा के तहत आने वाले 5 करोड़ लोगों की मदद करने के लिए दिहाड़ी बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई। गरीब बुजुर्ग, गरीब विधवा और गरीब दिव्यांगों को कोरोना संकट के कठिन वक्त में दिक्कत न हो, इसलिए उन्हें अगले तीन महीनों तक 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जाने की घोषणा हुई।

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बैंक लाए कोविड19 स्पेशल लोन

कोरोनावायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन में कई काम धंधे ठप पड़ गए। छोटे या मंझले कारोबारी, मिडिल क्लास लोगों में से कई ऐसे थे, जिनके सामने कैश की कमी का संकट खड़ा हो गया। इनकी परेशानी को दूर करने के लिए कई बैंक कोरोना काल में कोविड19 स्पेशल लोन लेकर आए। ये लोन आसान नियम और कम ब्याज दर पर लॉन्च किए गए।

इसके साथ साथ लोन लिये लोगो को कई तरह की राहत दी गई तो एटीएम से पैसा निकालने में छूट भी दी गई। वही आगे चलके भारत को आत्मनिर्भर भारत बनाने का अभियान भी इसी लॉकडाउन के दौरान शुरू किया गया इस अभियान के तहत देश के तमाम छोटे बड़े सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बारी भरकम पैकेज का ऐलान किया गया।

यानी मोदी सरकार ने कोरोना से निपटने के साथ साथ देश के लोगों की जान माल सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिये रणनीति बनाई जिसका असर आज हम महसूस कर रहे है।