संकट के वक्त विश्व ने भारत की तरफ बढ़ाया मदद का हाथ

कोरोना संकट से निपटने के लिये आज समूचा विश्व भारत के साथ खड़ा हो गया है आलम ये है कि दुनिया के कई देश भारत के बिना मदद मांगे ही आज भारत को मदद करने के लिए खड़े हो रहे है। जो ये बताती है कि मोदी जी की विदेश नीति कितनी बेहतर है। खासकर वैक्सीन कूटनीति का ही असर है कि आज विश्व भारत के साथ खड़ा है। 

ब्रिटेन ने भेजे 100 वेंटिलेटर्स, 95 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स 

 

कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे भारत को विदेश से मदद मिलनी शुरू हो गई है। आज सुबह ही तड़के भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी मिली है। ब्रिटने ने भारत को मदद पहुंचानी शुरू कर दी है। Lufthansa फ्लाइट मंगलवार को तड़के भारत में लैंड हुई है। इस फ्लाइंट में ब्रिटेन ने 100 वेंटिलेटर्स, 95 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स भेजे हैं। इस बात की जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय ने दी है और ब्रिटेन के इस कदम की सराहना की।  इसमें 100 वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स भेजे गए हैं।

अमेरिका ने तुरंत वेंटिलेटर और पीपीई किट भारत को भेजा

अमेरिका ने कहा कि भारत के अग्रिम मोर्च के कर्मियों और कोविड-19 मरीजों की सहायता के मद्देनजर अमेरिका ने जांच किट, वेंटिलेटर और पीपीई किट के अलावा अन्य उपकरण भारत को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका तत्काल आधार पर ऑक्सीजन उत्पादन एवं संबंधित आपूर्ति भारत को उपलब्ध कराने के विकल्पों पर काम कर रहा है। इसके साथ साथ वैक्सीन के लिये भी अमेरिका कच्चा माल देने को तैयार हो चुका है।

वही सिंगापुर और सऊदी अरब से भारत को ऑक्सीजन मिल भी चुकी है। तो फ्रांस भारत को हर तरह की मदद के लिये साथ खड़े होने की बात कर रहा है। इतना ही नही कोरोना महामारी को लेकर जापान के पीएम ने सीधे मोदी जी से बात भी की है आस्ट्रेलिया सहित दूसरे मुल्क भी आपदा के इस बीच भारत को मदद पहुंचाने के लिये आगे आ रहे है जो ये बताता है कि हालात कैसे भी हो भारत के साथ आज विश्व इस लिये खड़ा है। क्योकि भारत सरकार ने भी कोरोना की पहली लहर में विश्व की हर तरह से मदद की थी जिसका असर आज देखा जा रहा है।