प्रधानमंत्री मोदी अपने ऊपर होने वाले सरकारी खर्च पर भी लगाते है लगाम; विदेश यात्राओं के दौरान तकनीकी हाल्ट में होटल नहीं, एयरपोर्ट लाउंज का करते है इस्तेमाल

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During PM foreign trips, airport lounges are used in technical halts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के विदेशी दौरों पर होने वाले खर्च को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं लेकिन इस दौरान भी वे कोशिश करते हैं कि किसी तरह खर्चों में कटौती की जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेशी दौरों से दूसरे नेताओं के लिए कड़े मानदंड पेश किए हैं। लंबी विदेश यात्राओं के दौरान जब एयर इंडिया वन (प्रधानमंत्री का विशेष विमान) बीच में ईधन भराने (तकनीकी हॉल्ट) के लिए रुकता है, तो प्रधानमंत्री किसी होटल में नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के लाउंज में ही रुकते हैं। वह एयरपोर्ट के लाउंज में रुककर विमान के दोबारा उड़ान भरने के लिए तैयार होने का इंतजार करते हैं। जबकि इससे पहले प्रोटोकॉल यह था कि तकनीकी हॉल्ट के दौरान प्रधानमंत्री के रुकने के लिए होटल बुक होता था।

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोदी ने आज तक किसी भी देश में तकनीकी हॉल्ट के दौरान अपने लिए होटल बुक कराने के निर्देश नहीं दिए। प्रधानमंत्री मोदी विदेश यात्राओं में हॉल्ट के दौरान फाइव स्टार होटल में रात गुजारने के बजाय एयरपोर्ट टर्मिनल्स पर ही आराम या नहाने आदि का विकल्प चुनते हैं। वे एयरपोर्ट पर ही रुकते हैं और विमान में ईधन भरने के बाद निकल जाते हैं। शाह ने कहा “अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में पीएम मोदी ने एक बहुत ही अनुशासित व्यवस्था का पालन किया है।”

क्या होता है तकनीकी हॉल्ट?

लंबी दूरी की हवाई यात्रा के दौरान जब विमान ईधन भरवाने या तकनीकी जांच के लिए कहीं रुकता है तब उसे तकनीकी हॉल्ट का नाम दिया जाता है।

अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री अपने साथ 20 फीसदी तक कम स्टाफ साथ ले जाते हैं और उन्होंने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के लिए बड़ी संख्या में कारों के इस्तेमाल में भी कमी लाई है। पहले अधिकारी अलग-अलग कारों का में जाते थे लेकिन अब वे बस या किसी बड़े वाहन में एक साथ जाते हैं।

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान शाह ने बताया कि जहां प्रधानमंत्री अपने लिए कड़े मानदंड अपनाते हैं, वहीं कुछ लोग हैं जिन्होंने अपनी सुरक्षा को प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। वे लोग प्रधानमंत्री को मिलने वाली सुरक्षा का फायदा ले रहे थे।” चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा अगर हमें एसपीजी सुरक्षा मिली है, तो विदेश में ऐसा क्या काम है, जो हम सुरक्षा को घर पर छोड़कर जा रहे हैं।

गांधी परिवार कई बार तोड़ चुके हैं एसपीजी सुरक्षा कवर

एसपीजी संशोधन विधेयक 2019 पर जवाब देते हुए शाह ने कहा कि गांधी परिवार ने एसपीजी सुरक्षा के मानदंडों का कई बार उल्लंघन किया, जबकि पिछले 20 सालों से जब से पीएम मोदी को सुरक्षा मिले है तब से उन्होंने एक भी बार इसका उल्लंघन नहीं किया। शाह ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली से बाहर के 247 दौरों के लिए एसपीजी को सूचित नहीं किया। सरकार द्वारा दी गई उच्चतम सुरक्षा से समझौता करने पर शाह ने खुलासा किया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी 1991 के बाद से 99 विदेश दौरों पर गई, उन्होंने इस तरह के 78 यात्राओं पर एसपीजी की सुरक्षा की मांग नहीं की। इसी तरह से उन्होंने 2015 के बाद से 349 अवसरों पर एसपीजी मानकों का उल्लंघन किया। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गृह मंत्री ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो ने 600 बार एसपीजी अधिकारियों को अपने दौरे के बारे में सूचित नहीं किया।

गृह मंत्री ने कहा कि अब तीनों कांग्रेस नेताओं को सीआरपीएफ की Z+ सुरक्षा दी गई है। उन्हें जवानों को अपने साथ रखना चाहिए।

 


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