कोरोना के चलते हर राज्य के हालात पर पीएम मोदी खुद रख रहे ध्यान

कोरोना महामारी से निपटने के लिए मोदी सरकार रात-दिन जुटी हुई है खासकर पीएम मोदी लगातार देश में कोरोना को लेकर बैठक करने में लगे है। इसी के चलते महज तीन दिन के भीतर ही पीएम ने 11 राज्यों के सीएम से सीधी बात की है तो दो राज्यपालों से राज्य का हाल जाना है।

कोरोना को हराने के लिए पीएम सीधे सीएम से फोन पर कर रहे बात

जो लोग मोदी सरकार पर ये आरोप लगाते है कि पीएम राज्यों को लेकर नहीं चलते वो आज इस खबर को जरूर ध्यान से पढ़े क्योकि इस खबर के बाद उनका ये मिथ खत्म हो जायेगा। कोरोना से जारी जंग में पीएम मोदी एक एक कदम पिछले साल से ही राज्यो के साथ मिलकर उठा रहे है। जिसको लेकर  पीएम मोदी लागातर सीएम के साथ बैठक करते आये है लेकिन अब पीएम मोदी एक एक राज्य के हालात जानने के लिये खुद फोन करके राज्यों से कोरोना से निपटने की समीक्षा कर रहे है। इस दौरान पीएम इन राज्यो को समाधान के तौर पर वैक्सीनेशन को तेजी से करवाने का सुझाव दे रहे है तो सीएम की मांगों को ध्यान में रखकर सामान भी मोहइया करवा रहे है। ऑक्सीजन से लेकर छोटी सी छोटी चीज की जानकारी खुद पीएम इकट्ठा कर रहे है जिसके बाद कोरोना के खिलाफ देशभर के लिये रणनीति तैयार कर रहे है जिससे कोरोना पर लगाम लगाई जा सके। इसके चलते पीएम ने 11 राज्यों के सीएम सहित 2 राज्यपालों के साथ महज तीन दिन के भीतर चर्चा की है जो ये बताता है कि पीएम मोदी कोरोना रूपी दानव के वध के लिये किस तरह से तैयारी में जुटे है।

आजादी के बाद पहले पीएम जो राज्यों का रखते इतना ध्यान

आजादी के बाद देश ने मोदी जी से पहले कई प्रधानमंत्री की कार्यशैली देखी लेकिन शायद ही कोई पीएम ऐसा हुआ हो जो आपदा के वक्त या उससे पहले देश के लिये राज्यों के सीएम को लेकर चलता हो जैसे पीएम मोदी सबको साथ में लेकर चलते है। कोरोना महामारी की पहली लहर में भी पीएम मोदी ने सभी राज्यो को पूरी पूरी छूट देकर ये बताया था कि राज्य खुद अपने तरीके से इस आपदा से निपट सकते है। और दूसरी लहर में भी मोदी सरकार राज्यों को हर तरह के फैसले लेने की आजादी दे रखी है। मसलन राज्य अपने हिसाब से लॉकडाउन लगाने के लिये स्वतंत्रत है तो दूसरे फैसले भी वो खुद ले रहे है। बस केंद्र उनके साथ मिलकर कोरोना को हराने के लिये उन्हे साधन मोहइया करवा रही है। मसलन रेल के जरिये ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा रहा है तो दूसरी तरफ दवाई या विदेश से आई मदद को राज्यों में पहुंचाया जा रहा है।

कोरोना से जंग में ऐसा नहीं कि पीएम सिर्फ समीक्षा बैठक ही कर रहे बल्कि वो बैठक के बाद एक्शन भी ले रहे है तभी तो ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिये देश भर में 551 प्लांट पीएम केयर्स से लगाने का ऐलान किया गया। तो वैक्सीन कम न हो इसके लिये तुरंत कंपनियों को पैसा दिया गया। साथ ही कई राज्यों में रेल कोचो में अस्पताल तो खुद सेना के जरिये कई शहरों में अस्पताल भी बनाकर कोरोना से निपटने की तेजी से तैयारी की जा रही है जिससे कोरोना को हराया जा सके।