मोदी सरकार आई तो सच होने लगे सपने

मोदी सरकार से पहले ही सरकार जहां लोकसभा में जवाब दिया करती थी कि देश के पास हथियार खरीदने के पैसे नहीं है, वही भारत आज ना केवल देश में हथियार बना रहा है बल्कि हथियार का निर्यात करने वाले देशों में शामिल भी हो गया है और ये बदलाव महज 7 सालों में देखा जा रहा है.

फिलीपिंस ने 37.49 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस मिसाइल का किया करार

लंबे समय तक हथियार आयातक देश रहा भारत अब शस्त्रों का बड़ा निर्यातक बनने जा रहा है। इस दिशा में बड़ा करार फिलीपींस से किया गया है। फिलीपींस की नौसेना के लिए भारत ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल बेचेगा। ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात के लिए यह पहला विदेशी ऑर्डर है। फिलीपींस ने ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीदी को लेकर भारत से 37.49 करोड़ डॉलर यानी करीब 2,812 करोड़ रुपये का करार किया है। इतना ही नही इस मिसाइल को लेकर ब्राजील भी दिलचस्पी ले रहा है और ये कहना गलत ना होगा कि आने वाले दिनो में भारत इसे ब्राजील को भी निर्यात करे। इसके साथ देश में आज छोटे बड़े बहुत से हथियारों का निर्माण हो रहा है जिसे बाद में विदेश में निर्यात भी किया जा रहा है। लेकिन बड़े हथियारों में भारत की ये पहली डील हुई है जो एक अच्छी शुरूआत है।

India needs many big-ticket exports like BrahMos deal to hit $5 billion  export target by 2025, counter China - India News

कृषि सेक्टर में भी निर्यात में भारत ने लगाई लंबी छलांग

ऐसे ही कुछ कृषि सेक्टर में भी देखने को मिल रहा है। कभी भारत अनाज विदेश से निर्यात करता था आज वही देश इतना मजबूत हो गया है कि 13 करोड़ भारतीयों का पेट भरने के बाद विश्व को भी अनाज दे रहा है। और इसके पीछे मोदी सरकार की नीति और किसानों की मेहनत है कि भारत इस मुकाम को छू रहा है। कृषि निर्यात के क्षेत्र में इस बार भारत नया रिकॉर्ड बना सकता है। उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में कृषि एक्सपोर्ट 50 अरब डॉलर के स्तर को पार कर जाएगा। सरकार की माने तो समुद्री और बागवानी उत्पादों सहित देश के कृषि उत्पादों का निर्यात अप्रैल से नवंबर, 2021 के दौरान 23.21 प्रतिशत बढ़कर 31.05 अरब डॉलर हो गया है जो एक शुभ संकेत है। इससे देश के किसानों की व्यवस्था और बेहतर करेगी।

ये ऑकड़े अब साफ बता रहे है कि भारत सरकार की नीतियों का ही असर है कि आज भारत आत्मनिर्भर होता जा रहा है फिर वो कोई भी सेक्टर क्यो ना हो। कुछ लोग इसके बाद भी सरकार के काम काज पर ये कहते हुए सवाल खड़ा करते है कि ये सब एक छलावा है। ऐसे लोगो से सावधान रहने की ही जरूरत है जो भ्रम फैलाकर कही ना कही देश के विकास पर रोक लगाना चाहते है।