कोरोना पर जोरदार वार, DRDO ने लगाया दिल्ली में अभी 2 ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना की दूसरी लहर में राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा परेशानी देखी गई तो वो थी ऑक्सीजन की। वैसे ऑक्सीजन की किल्ल्त को दूर करने के लिये केंद्र सरकार ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए दिल्ली की ओर ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ाई तो अब डीआडीओ ने एम्स और राम मनोहर लोहिया में पीएम केयर्स फंड से 2 ऑक्सीजन प्लांट लगाये है।

DRDO ने दिल्ली में तैयार किये दो ऑक्सीजन प्लांट

डीआरडीओ दिल्ली में एम्स ट्रॉमा सेंटर, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल सफदरजंग हॉस्पिटल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में 4 प्लांट लगा रहा है, जबकि 5वां प्लांट हरियाणा के एम्स झज्जर में लगाया जा रहा है। इनमें से दो प्लांट मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। इन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर और आरएमएल अस्पताल में स्थापित कर दिया गया है। गौरतलब है कि इन ऑक्सीजन प्लांट की आपूर्ति ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, कोयंबटूर ने की है, जो डीआरडीओ का टेक्नोलॉजी पार्टनर है। डीआरडीओ ने कहा कि कंपनी को 48 प्लांट के लिए ऑर्डर दिया गया है, जबकि 332 प्लांट के लिए ऑर्डर टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के पास रखा गया हैये मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट 1,000-लीटर प्रति मिनट की प्रवाह दर के लिए डिजाइन किए गए हैं। प्लांट 5 एलपीएम की प्रवाह दर पर 190 रोगियों को ऑक्सीजन दे सकता है और हर दिन 195 सिलेंडर चार्ज कर सकता है

 तीन गुना बढ़ाया रेमडेसिविर का उत्पादन

दूसरी तरफ सरकार ने एंटीवायरल दवा रेमडेसिविर की कमी को पूरा करने के लिये तेजी से उत्पादन बढ़ाया है केंद्र सरकार की माने तो सिर्फ कुछ दिनों में ही भारत ने रेमडेसिविर की उत्पादन क्षमता तीन गुना हासिल कर ली है और जल्दी ही बढ़ती हुई मांग को पूरा कर पाएंगे। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर जानकारी दी है कि 12 अप्रैल को जहां रेमडेसिविर की 37 लाख शीशियों का उत्पादन किया जा रहा था, जो 4 मई को बढ़कर 1.05 करोड़ शीशी हो गया है। इसके साथ रेमडेसिविर का उत्पादन करने वाली कंपनियों की संख्या भी 20 से बढ़कर 57 हो गई है।मनसुख मंडाविया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना से लड़ने के लिए अथक प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि देश में रेमडेसिविर की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत इसका उत्पादन बढ़ा रहा है। कुछ दिन में ही लगभग तीन गुना रेमडेसिविर उत्पादक प्लांट बढ़ाये जा चुके हैं।

जिस तरह से केंद्र सरकार कोरोना से जंग लड़ रही है उससे साफ पता चलता है कि सरकार की चाल काफी तेज है लेकिन अगर कुछ राज्यों ने लापरवाही नही बरती होती तो शायद कोरोना की दूसरी लहर भी इतनी खतरनाक नही होती।