ड्रैगन फंसा भारत के चक्रव्यूह में!

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भारत देश में एक कहावत बहुत मशहूर है कि सब की बेरी के पेड़ में बेर लगते हैं। मतलब यह सबको सबकी जरूरत जरूर पड़ती है। लेकिन शायद चीन ये बात भूल गया था। उसे लगता था कि उसे भारत की क्या जरूरत पड़ने वाली है। तभी तो आतंकी मसूद अजहर दुनिया के लिए खतरा है, लेकिन पाकिस्तान के प्रति चीन के प्यार और चालबाजी की वजह से मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में अबतक वैश्विक आतंकी घोषित करने में कई बार वीटो पावर लगाकर अड़ंगा लगाता रहा है। लेकिन अब चीन को जवाब देने का या हिसाब चुकता करने का भारत के पास बढ़िया मौका आया है।

चीन को पाक से दोस्ती निभाना पड़ेगा भारी

समूची दुनिया इस वक्त कोरोना संकट खड़ा करने के पीछे चीन को ही दोषी मान रहा है। खासकर अमेरिका चीन का खुलकर विरोध कर रहा है और इस माहामारी का कारण चीन को ही बता रहा है। इसको लेकर वो चीन से कई तरह के संबध भी तोड़ रहा है। इसी तरह विश्व के कई देश भी कोरोना वायरस महामारी के फैलने से रोकने में लापरवाही बरतने का आरोप चीन पर लगा रहे हैं। लेकिन इस मामले को लेकर चीन के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। दरअसल 22 मई को भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के चेयरमैन का कार्यभार संभालने वाला है और इस वैश्विक संस्था में पेइचिंग बुरी तरह से घिर रहा है। दुनिया के कई देश कोरोना महामारी को लेकर चीन की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भारत के पास संयुक्त राष्ट्र में चीन से पुराना हिसाब चुकता करने का मौका होगा। क्योंकि जापान की जगह भारत WHO की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। चीन के खिलाफ जांच का आदेश देने में भारत की अहम भूमिका रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक यूरोपियन यूनियन की तरफ से वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में जांच का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसमें डिमांड की गई है कि कोविड को लेकर WHO के नेतृत्व में इंटरनेशनल हेल्थ रेस्पांस की ‘निष्पक्ष, स्वतंत्र और विस्तृत जांच’ हो। ऐसे में भारत के पास संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर के मामले में चीन से पुराना हिसाब चुकता करने का मौका होगा।

कोरोना को लेकर चीन के खिलाफ विश्व समुदाय

यहां हम आपको ये बता दें कि कोरोना वायरस की शुरूआत चीन के वुहान शहर से हुई थी लेकिन विश्व को चौकाने वाली बात ये है कि  वुहान से कोरोना शंघाई या बीजिंग नहीं पहुंचा। लेकिन ये दुनिया के सभी देशों में पहुंच गया है और वहां इसने तबाही मचा दी है। इसी बात को लेकर अमेरिका डब्लूएचओ से सवाल कर रहा है और वह इसका जवाब नहीं दे रहा है। लिहाजा अब अमेरिका के साथ ही दुनिया के 62 देशों ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अमेरिका ने पहले से चीन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और धमकी दी है वह चीन के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है। वहीं दुनिया के 62 देशों ने भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है इसमें भारत भी शामिल है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में तीन लाख से ज्यादा लोग मर चुके हैं। जिसमें अमेरिका में करीब 80 हजार से ज्यादा जाने गई हैं। जिससे समूची दुनिया चीन से खार खाये बैठी है।

बहरहाल अब पाशा भारत के पास है, क्योंकि भारत को ही ये फैसला करना होगा कि चीन का क्या किया जाये । वैसे भी हमारे पीएम मोदी कई बार बोल चुके हैम जो जैसी भाषा को समझता है वो उसी भाष में जवाब देते हैं। बस इसके लिये हमे इंतजार करना होगा।


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