आत्मनिर्भर भारत योजना से ड्रैगन को मिली करारी मात

जो लोग आत्मनिर्भर योजना के शुरू होने पर सरकार पर तंज कस रहे थे वो आज अपनी आंखे खोलकर देख लें कि कैसे महज 5 महीनो में इस योजना ने भारत की तकदीर बदलनी शुरू कर दी है। आत्मनिर्भर भारत योजना का ही ये जादू है कि चीन से भारत का व्यापार घाटा महज 5 महीने में ही आधा रह गया है।

सीमा विवाद के बीच चीन को आर्थिक मोर्चे पर भारत की चोट

‘आत्मनिर्भर’ एक ऐसा शब्द जो इंसान को अपने आप में ही पूर्ण बनाता है। हर छोटी से लेकर बड़ी उम्मीद तक हम खुद पर ही निर्भर रहते है। खुद पर निर्भर होने के साथ-साथ हम अपनी जरूरतों को भी पूरा कर पाते है। ऐसे में युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए और चीन को सबक सिखाने के लिए केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर अभियान की शुरुआत की है।  इस अभियान के तहत अब चीन को बड़ा झटका लगा है क्योंकि इस वित्त वर्ष 2020-21 के पहले पांच महीनों में चीन से होने वाला व्यापार घाटा करीब आधा हो गया है। अप्रैल से अगस्त 2020 के बीच व्यापार घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले आधा हो गया है। इसकी मुख्य वजह है चीन को होने वाले भारतीय निर्यात में बढ़त और केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत उठाये जाने वाले कदमों की वजह से आयात में कमी। देश में चीन विरोधी माहौल की वजह से सरकार ने चीन से आने वाले आयात पर कई तरह के अंकुश भी लगाये हैं।

व्यापार घाटे में कमी की दो मुख्य वजह

इस तरह व्यापार घाटे में कमी की मुख्य वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान और चीन से सीमा पर बढ़े तनाव को माना जा रहा है। भारत ने चीन से अपनी व्यापारिक निर्भरता लगातार कम करने का प्रयास किया है। दूसरी तरफ, भारत ने चीन को अपना निर्यात बढ़ाने की लगातार कोशिश की है। अगस्त में लगातार चौथे महीने चीन को होने वाले निर्यात में दो अंकों की वृद्धि हुई है। अप्रैल से अगस्त के बीच भारत के चीन को होने वाले निर्यात में 27 फीसदी की जबरदस्त बढ़त देखी गई है. पिछले साल इसी अवधि में चीन को निर्यात महज 9.5 फीसदी बढ़ा था।दूसरी तरफ इस दौरान निर्यात में 27 फीसदी की गिरावट आई है। जून महीने में तो चीन को होने वाले निर्यात में 78 फीसदी की बढ़त हुई है। इसी तरह निर्यात मई में 48 फीसदी और जुलाई में 23 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे हालात में अब चीन के राष्ट्रपति ये तो जरूर मान रहे होगे कि उन्होने गलत जगह पंगा ले लिया है क्योकि सीमा पर भी भारत करारा जवाब दे रहा है तो आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को कमजोर करने में लगा है इसके साथ साथ विश्व में चीन जो आज स्थिति है वो भारत से विवाद के चलते है ऐसे में चीन अब खुद समझ नही पा रहा कि वो मोदी जी की चालो का जवाब कैसे दे।

Leave a Reply