भारत के आगे झुका ड्रैगन, सेना पीछे हटाने को राजी

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आखिरकार चीन ने मान ही लिया की गलती उसकी थी और इस लिये अब वो पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाके से अपने सैनिकों को हटाने पर सहमत हो गया है। दोनो देशों के जनरल स्तर की बैठक में ये समझौता हुआ है। गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे तो चीन के 40 से 50 जावान मारे गये थे और तनाव बहुत बढ़ गया था

भारत ने चीन से कही दो टूक बात

गलवान घाटी को लेकर भारतीय फौज ने चीन से दो टूक शब्दो में बोला था कि LAC में जैसी स्थिति 5 मई के पहले थी वैसे ही होनी चाहिए। यानी कि भारत की ओर से साफ-साफ शब्दों में कह दिया गया है कि चीन अपनी सीमा पर वापस लौटे। दोनों पक्षों के बीच उसी जगह पर छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के पहले दौर की बातचीत हुई थी, जिसके दौरान दोनों पक्षों ने गतिरोध दूर करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया था। हालांकि, 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद सीमा पर स्थिति बिगड़ गई, क्योंकि दोनों पक्षों ने 3,500-किलोमीटर की वास्तविक सीमा के पास अधिकांश क्षेत्रों में अपनी सैन्य तैनाती को काफी तेज कर दिया। हालाकि इस दौरान चीन पर विश्व भर से ये दबाव भी पड़ रहा था कि चीन कोरोना मामले को दबाने के लिए इस तरह की हरकत कर रहा है।

तनाव के बीच सकारात्मक रही चर्चा

करीब दोनो देशो के अफसरों के बीच चली 11 घंटे की बैठक के बाद इस नतीजे पर दोनो देश पहुंचे देश की सेना की माने तो ये बैठक काफी सकारात्मक रही, दरअसल, भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल  पर जारी खींचतान के बीच सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत हुई थी।भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर ने किया था। LAC के दूसरी ओर चीन के हिस्से में मोल्डो इलाके में दोनों सेनाओं के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमे ये तय किया गया कि फौज शांति के साथ अपनी पुरानी जगहों पर चली जायेगी।

फिंगर 4 पर चीनी जमावड़े पर भारत का कड़ा ऐतराज

भारत ने साफ कर दिया था कि फिंगर 4 भारत का हिस्सा है और इसके पास नियम के मुताबिक सेना का जमावड़ा करना गलत है ऐसे में चीन को तुरंत अपने जमावड़े को वहां से हटाना होगा जिसके बाद  आगे की चर्चा हो सकती है। हालाकि चीन के अफसर भारत के सख्त रूख के आगे झुकते हुए दिखाई दिये और उन्होने भारत की सेना की सभी बात को मानकर शांति स्थापना करने की बात कही जो बात भारत सालों से चीन से करता आया है।

बहरहाल चालबाज चीन की बातों पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि चीन कई बार इस तरह के वायदे करके धोखा देता आया है इसलिये चीन के धोखो से सावधान होते हुए भारत को अपना अगला कदम उठाना चाहिए साथ ही सीमा पर चौकसी के लिए सरकार को लगातार पेट्रोलिंग करते रहना चाहिए साथ ही चीन  सीमा पर सड़को को और दुरूस्त करना चाहिये जिससे चीन की चालो पर नजर रखी जा सके।


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