बाटला हाउस एनकाउंटर पर अब मत उठाना सवाल

कहते है कि, सच को लाख छुपाओ लेकिन सच हमेशा बाहर आता है। कुछ यही दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर में भी देखा गया। करीब 13 साल बाद कोर्ट ने अपने फैसले में अरिज खान को दोषी करार दे दिया है। बाटला हाउस एनकाउंटर को लेकर समय समय पर सियासत भी खूब देखी गई है लेकिन अब इसपर भी कोर्ट ने विराम लगा दिया है और ये साबित कर दिया है कि पुलिस के हर काम पर सवाल खड़ा करना ठीक बात नही होती है।

अरिज खान को दोषी ठहराया

बाटला हाउस एनकाउंटर में पकड़े गये आईएम के सदस्य आतंकि अरिज खान को साकेत कोर्ट ने दोषी माना है जिससे साफ हो गया कि पुलिस की बाटला हाउस पर कार्यवाही बिलकुल ठीक थी और वहां रुके हुए युवा दिल्ली में बम ब्‍लास्‍ट में शामिल थे जबकि इस कांड के बाद कुछ लोगों ने वोट की खातिर दिल्ली पुलिस पर ही गहरे सवाल खड़े किये थे और इसे फर्जी मुठभेड़ का दर्जा दिया था। लेकिन अब ये साफ हो गया कि वो एनकाउंटर फर्जी नही था और ये सब आइएम के सक्रिय सदस्य थे।

दक्षिण दिल्ली में हुआ था बाटला हाउस एनकाउंटर

जामिया नगर के बाटला हाउस इलाके में 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एक घर में रुके इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में आइएम के तीन आतंकी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे, जबकि मोहम्मद सैफ मौके से पकड़ा गया था। इस मुठभेड़ के बीच दो अन्य आतंकी शहजाद अहमद और आरिज खान पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। इस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहनचंद शर्मा शहीद हुए थे और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या के मामले में शहजाद अहमद को वर्ष 2013 में सजा हो चुकी है। एनकाउंटर के दस साल बाद फरवरी, 2018 में स्पेशल सेल की टीम ने आरिज खान को नेपाल और भारत की सीमा से गिरफ्तार किया था।

पुलिस पर सवाल खड़े करने वाले मांगेंगे माफी

कोर्ट के फैसले के बाद क्या देश में इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े करने वाले जनता से मापी मांगेगे ये एक बड़ा सवाल है या फिर हर बार कि तरह कोर्ट के फैसले में किंतु परन्तु निकालकर इस मामले में एक नई बह को जन्म देकर मामले को ही बदलने की कोशिश करेंगे या चुपचाप बैठे रहेंगे लेकिन इतना तो तय है कि इन लोगों की कलई फिर से खुल गई है और कुछ लोगों को खुश करने के लिये देश हित के साथ समझौता करने की सियासत का भी पर्दाफाश हो गया है।

फिलहाल 15 मार्च को कोर्ट इस मामले में आरोपी अरिज खान को सजा सुनाने वाली है और एक देशभक्त होने के नाते इस आतंकी को सख्त से सख्त सजा मिले यही हमारी मांग है क्योकि ऐसा होने पर ही उन शहीदों को असल सम्मान मिलेगा।