महाराष्ट्र पर विपदाओं का कहर

पिछले कुछ दिनों से देखे तो महाराष्ट्र में सब कुछ अच्छा नही चल रहा है मतलब कोई न कोई आपदा महाराष्ट्र में देखी जा रही है। लेकिन इसके पीछे की आखिर वजह क्या है, इस ओर जब आप नजर डालेगे तो आपको महाराष्ट्र सरकार का कुप्रबंधन ही जिम्मेदार लगेगा। केवल हम स्वास्थ सेवाओ की बात करे तो कही नही सरकार पूरी तरह से फेल नजर आ रही है।

महज 4 महीनो के भीतर 4 अस्पतालों में लगी आग

सरकार कितने भी दावे करे कि स्वास्थ सेवा को दुरूस्त बना रही है लेकिन पिछले 4 महीनो के ऑकड़ो पर नजर डाले तो एक नया अस्पताल तक नही खुला बल्कि जो अस्पताल लोगों का इलाज कर रहे थे उनकी स्पीड भी अस्पताल में आग लगने के चलते मंद पड़ गई है। जबसे पहले बात करते है 9 जनवरी को भंडारा जिला हॉस्पिटल के न्यूबॉर्न केयर यूनिट में लगी आग में 10 नवजातों की मौत हो गई थी। हालाकि सरकार आग लगने की इसके पीछे की वजह आजतक सही तरीके से नही बता पाई है। इसी तरह मुंबई के भांडुप में कोविड अस्पताल में आग लग गई थी यहां ये भी बता दे कि ये अस्पताल मॉल के भीतर चल रहा था इसमें मरने वालो की संख्या की बात करके तो करीब 9 थी। जबकि एक दो दिन पहले ही नासिक से ऑक्सीजन टैंक से रिसाव हो जाने के चलते 22 लोगों की मरने की खबर आप ने सुनी होगी। इस हादसे को अबी कुछ वक्त ही नही बीता था कि आज विरार में कोविड आस्पताल में आग लगने के चलते 13 लोगों के मरने की खबर आ चुकी है। और कयास लगाया जा सकता है कि मरने वालो की संख्या भी बढ़ सकती है। लेकिन आखिरकार ऐसा महाराष्ट्र में ही क्यो हो रहा है। आखिरकार महाराष्ट्र सरकार अपने अस्पतालो की हालात क्यो नहीं चेक करती और जो खामिया हो उसे दूर क्यो नही करती ये सवाल आज महाराष्ट्र की जनता जरूर ठाकरे सरकार से कर रही है।

स्वास्थ सेक्टर को लेकर उदासीनता

महाराष्ट्र सरकार की बात करे तो आज स्वास्थ सेक्टर में वो पूरी तरह से फेल हो चुकी है। आलम ये है कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोविड के केस भी है और सबसे ज्यादा लोगो की मौते भी वही हो रही है। जबकि पीएम मोदी ने जब जब कोविड माहामारी को लेकर बैठक की तो सीएम इस बैठक को लेकर उदासीन ही दिखे तो अपने राज्य की जनता को कोरोना महामारी से जागरूक भी न कर सके। खुद कई जगह पर उनके मंत्री कोरोना की गाइडलाइन को तोड़ते हुए दिखाई दिये। खासकर सामाजिक दूरी को लेकर नियम को पूरी तरह से ताक में रखा गया जिसका परिणाम ये हुआ कि आज महाराष्ट्र में कोरोना के चलते सबसे बुरा दौर देखा जा रहा है।

ऐसे में जो हालात बने है उसका कारण राज्य सरकार है ये कहने में कोई परहेज नही रखना चाहिये लेकिन अभी भी विपदा से बाहर निकला जा सकता है बस इसके लिये सरकार को इच्छाशक्ति जगानी होगी।