नमो जैसे झुका हुआ वृक्ष नहीं देखा

कहते है वो वृक्ष सबसे अच्छा होता है जिसमे फल भी लगा हो साथ ही साथ जिसमे लचक हो यानी की झुका हो। कुछ ये कहावत मोदी सरकार पर पूरी तरह से ठीक बैठती है क्योकि मोदी सरकार आजादी के बाद ऐसी सरकार है जो लगातार देशवासियों के लिये काम कर रही है। साथ ही अंहकार से वो बहुत दूर है। अब किसान आंदोलन को ही ले लो एक तरफ कुछ लोगो के बहकावे में आकर कुछ लोग आंदोलन खत्म खत्म करने का नाम नही ले रहे तो दूसरी तरफ पीएम मोदी ने एक बार फिर बड़ा दिल दिखाते हुए किसानों से बात करने के लिये हर वक्त तैयार रहने की बात कही है।

किसानों से चर्चा के लिये तैयार -मोदी

केंद्र सरकार ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत की संभावना बरकरार रखी है। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों का मसला बातचीत से ही दूर होगा। उन्‍होंने कहा कि किसानों को दिया गया सरकार का प्रस्ताव आज भी कायम है। मोदी ने कहा कि किसान नेताओं संग पिछली चर्चा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि वे किसानों से केवल एक फोन दूर हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के मसलों को वार्ता के जरिए सुलझाने की लगातार कोशिश कर रही है और जल्द इस मसले को सरकार बातचीत से सुलझा भी लेगी।

कानून को 2 साल के लिये स्थगित करने की सरकार कर चुकी है घोषणा

यहां आपको ये भी बता दें कि सरकार ने कृषि कानून पर चर्चा करने के लिये आंदोलकारी नेताओं के साथ 11 बार बैठक की थी तो सरकार यहां तक तैयार हो गई थी कि कानून को 2 साल के स्थगित किया जा सकता है लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग अपनी हठधर्मिता पर कायम रहे जिसके चलते आंदोलन अभी भी सड़को पर चल रहा है। लेकिन इससे ये जगजाहिर हो गया है कि मोदी सरकार कितनी लचीली सरकार है जो देशवासियों का ध्यान रखने के लिए काम करती है और उसमे बिलकुल भी अंहकार नही है।

 

लेकिन देश के दुश्मनो को मै ये भी बता देना चाहूंगा कि इसी मोदी सरकार की कमजोरी मत समझे क्योकि मोदी जी पहले ही बोल चुके है कि वो देश नही झुकने देंगे लेकिन देशवासियों के हित के लिये खुद झुक जायेंगे।