देर से आये लेकिन सटीक वक्त पर आये

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लंबे वक्त के बाद किसी पुर्तगाल के राष्ट्र अध्यक्ष का दौरा भारत हो रहा है लेकिन जिस वक्त उनका दौर हुआ है वो वक्त की अगर बात करे तो बिलकुल सटीक वक्त है। वो इसलिये क्योकि पुर्तगाल अगले वर्ष यूरोपीय संघ का मुखिया बनने वाला है।

11 साल बाद किसी पुर्तगाल राष्ट्रपति भारत पधारे

करीब 11 साल बाद कोई पुर्तागाली राष्ट्रपति भारत के दौरे पर है दोनो देशो के बीच इस दौरे के दौरान करीब 14 करार भी हुई है। ये करार विज्ञान, रक्षा, जल, तकनीक और शिक्षा को लेकर किये गये है। वैसे अगर भारत पुर्तगाल की दोस्ती की बात करे तो ये करीब 500 साल पुरानी है। लेकिन इस बार जिस तरह के करार भारत और पुर्तगाल के बीच में हुए है उससे दोनो की दोस्ती में गर्माहट नई कहानी लिखेगी खासकर तब जब पुर्तगाल अगले वर्ष यूरोपीय संघ का मुखिया बनने वाला है। उसे देखते हुए पुर्तगाल के साथ रिश्तों में गर्माहट का अपना खास महत्व होगा। यूरोपीय संघ के साथ भारत को न सिर्फ नया कारोबारी समझौता करना है, बल्कि यूरोपीय संसद में पाकिस्तान समर्थक कुछ सांसदों की तरफ से कश्मीर के मुद्दे को उठाने की भी कोशिश हो रही है। ऐसे में शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबोलो डी सौसा के बीच हुई बातचीत आगे चल कर अहम साबित होगी।

14 करार लिखेंगे दोस्ती का नया आयाम

हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सौसा की अगुआई में आधिकारिक स्तर की बातचीत हुई। इसके बाद दोनों देशों के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। ये समझौते निवेश, परिवहन, बंदरगाह, संस्कृति, औद्योगिक व बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर हुए हैं। इसके पहले जून, 2017 में मोदी ने पुर्तगाल की यात्र की थी। तब दोनों देशों के बीच 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। उसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। पिछले वर्ष पुर्तगाल के पीएम ने भारत का दौरा किया था। भारत व पुर्तगाल के बीच नौ-परिवहन के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाओं को देखते हुए शुक्रवार को किया गया समझौता महत्वपूर्ण है।

वैसे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग की संभावनाओं पर भी बातचीत हो रही है। भारतीय कंपनी HAL और पुर्तगाली कंपनी CIIA के बीच एक करार हुआ है। इसके तहत हल्के सैन्य वाहन बनाने में दोनों कंपनियां सहयोग करेंगी। मानव रहित ड्रोन बनाने में भी दोनों कंपनियां एक दूसरे की मदद करेंगी।

मतलब साफ है कि भारत और पुर्तगाल मिलकर एक ओर अपनी पुरानी विरासत का आदान प्रदान करेगे तो दूसरे तरफ रक्षा में भी सहयोगी होगे। जिस तरह का ये दौरा रहा है उसके देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि मोदी की विदेश नीति की ये एक और बड़ी जीत है। क्योकि आने वाले दिनो में इस दोस्ती के चलते ही पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर फिर से करारा झटका सहेगा। दोनो देशों ने अपने भाषण में साफ कहा कि वो मिलकर दुनिया में फैले आतंकवाद को खत्म करने में एक दूसरे को सहयोग करेगे। इससे साफ है कि जब पुर्तागल के हाथों में युरोपियन संसद की कमान होगी तो आतंक के मद्दे पर भारत अपनी बात और मजबूती से रख सकेगा जो एक बड़ी जीत होगी। ऐसे में ये साफ दोनो देशों का रिश्ता जरूर नये आयाम स्थापित करेगा जिसका फायदा भारत देश की जनता को होगा।

 


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