दिल्ली हिंसा की टाइमिंग : क्या विदेशी मेहमान के सामने भारत की छवि खराब करने की साजिश?

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

देश की राजधानी दिल्ली सोमवार सुबह से ही मीडिया में सुर्ख़ियों में है। पहली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत में जोरदार और गर्मजोशी से स्वागत की वज़ह से और दूसरी देश की राजधानी दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट हिस्से में हिंसा की खबरों की वजह से। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐसे खास दौरे के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली में अचानक से हिंसा का फैलना कई सवाल भी खड़े करते हैं।

गृह मंत्रालय ने आशंका जताई है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जारी यात्रा के मद्देनजर करायी गई प्रतीत होती है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग ट्रंप के सामने भारत की छवि खराब करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने हिंसा के लिए इस समय को चुना है।

मालूम हो कि CAA समर्थक और विरोधी गुटों के बीच हुई हिंसक झड़पों में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल रतनलाल समेत 7 लोगों की मौत हो गई है। हिंसा में लगभग 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आज सुबह भी हिंसा व पत्थरबाजी की कई छिटपुट वारदातें हुई। मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, गोकुलपुरी, बृजपुरी समेत कई इलाकों में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई है। इसके बाद भी कई इलाकों में आपसी भिड़ंत व एक दूसरे पर पत्थरबाजी की घटनाएं अभी भी हो रही हैं। दिल्ली में इतनी बड़ी हिंसा लगभग तीस साल बाद हुई है।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को एक सुनियोजित साजिश बताया है। पुलिस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत दौरे पर हैं। उनके दिल्ली पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही राजधानी में हिंसा भड़की। विश्व पटल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की छवि खराब करने के इरादे से हिंसा की स्क्रिप्ट लिखी गई। इसका माहौल गुरुवार रात से ही बनाना शुरू कर दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शाहीन बाग में काफी दिनों से सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकार लोगों से बात कर रहे थे। ऐसे में वहां शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन की इमेज बनाए रखने के लिए दूसरी जगहों पर हिंसक प्रदर्शन की पटकथा लिखी गई। पुलिस सूत्रों का कहना है इस हिंसक घटना के पीछे बाहरी शक्तियां शामिल हो सकती हैं। इन मंसूबों को पूरा करने के लिए कम उम्र के युवाओं को मोहरा बनाया गया है।

पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाके में हुई हिंसक घटना को गृह मंत्रालय ने बेहद गंभीरता से लेते हुए दिनभर हुए बवाल को लेकर पुलिस से लगातार जानकारी ले रही है। सीनियर पुलिस अफसर मौके पर तैनात हैं और कंट्रोल रुम से लगातार हालात का जायजा ले रहे है।

बीते कुछ सालों से दिल्ली में इतनी बड़ी हिंसा की घटना नहीं हुई है। दिल्ली में हिंसा की कुछ बड़ी घटनाएं इस प्रकार है –

 1984- दिल्ली में सिख विरोधी दंगे हुए
 1990- दिल्ली के सदर बाजार के ईदगाह पार्क में साम्प्रदायिक हिंसा, 8 लोगों की मौत, 32 लोग घायल
 1992- दिल्ली के सीलमपुर में साम्प्रदायिक हिंसा, लगभग 20 लोगों की मौत
 2014- दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हुए मामूली विवाद ने दंगे का रूप ले लिया. 70 से ज्यादा लोग घायल

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •