भारत के विकास की रफ्तार में मील का पत्थर साबित होगा दिल्ली – मुबंई एक्सप्रेसवे

21 वीं सदी रफ्तार से भरी सदी है और इसमें धीरे चलने वाले देश पीछे हो जाएगा। ये बात वर्तमान सरकार बहुत अच्छी तरह से समझती है, तभी तो सरकार तेज स्पीड में रफ्तार के साथ भारत को विकास के पथ में ले जा रही है। इसकी एक बानगी है देश का सबसे लंबा दिल्ली – मुबंई एक्सप्रेसवे, जिसके शुरू होने से ना केवल दो शहरों की दूरी कम होगी बल्कि सरकार को हर महीने टोल के जरिये इससे 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये की कमाई होगी। महज 12 घंटे में दिल्ली से मुबंई पहुंचाने वाला ये हाइवे देश को एक अलग दिशा भी देगा।

ट्रैवल टाइम रह जाएगा आधा

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे को दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बताया जा रहा है। इसका निर्माण ‘भारतमाला परियोजना’ के पहले चरण के तहत किया जा रहा है। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय मौजूदा के 24 घंटे से घटकर आधा यानी 12 घंटे रह जाएगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा। आठ लेन के इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 1380 किमी होगी। यह जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक जाएगा लेकिन सरकार इसे नरीमन पॉइंट तक बनाने की योजना बना रही है।

किन राज्यों से गुजरेगा

यह गुजरात के 426 किमी, राजस्थान के 373 किमी मध्य प्रदेश के 244 किमी और महाराष्ट्र 171 किमी सहित  हरियाणा के 129 किमी, से होकर गुजरेगा। इससे देश की राजधानी और आर्थिक राजधानी के बीच ट्रैवल टाइम आधे से भी कम रह जाएगा। अभी दिल्ली से मुंबई के बीच ट्रक से 48 घंटे और कार से 24 से 26 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद कार से यह दूरी 12 से 13 घंटे और ट्रक से 18 से 20 घंटे लगेंगे।

Delhi-Mumbai expressway: Nitin Gadkari conducts aerial survey of longest  expressway in India

8 साल में कीमत वसूल

इसकी अनुमानित लागत 98,000 करोड़ रुपये है। अगर इससे साल में 12,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है तो करीब 8 साल में इसकी लागत वसूल हो जाएगी। इससे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई को अपने कर्ज का बोझ भी कम करने में मदद मिलेगी। मार्च में विभाग से संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसद की स्थायी समिति ने बताया था कि एनएचएआई पर 97,115 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी को लेकर चिंता जताई थी। एनएचएआई का कुल कर्ज इस साल मार्च के अंत तक बढ़कर 3,06,704 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। गडकरी का कहना है कि 5 साल में एनएचएआई की टोल आय सालाना 1.40 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। यह अभी 40,000 करोड़ रुपये है।

क्या होगी इसकी खासियत

इस एक्सप्रेसवे पर 93 स्थानों पर Wayside Amenities होंगी। इसमें होटल, एटीएम, फूड कोर्ट्स, रिटेल शॉप्स, फ्यूल स्टेशंस और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन होंगे। यह देश का पहले एक्सप्रेसवे होगा जिस पर हेलीपैड और हर 100 किमी पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस ट्रॉमा सेंटर होगा। इस एक्सप्रेसवे पर ग्रीन कवर होगा जिसमें 20 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। पूरे एक्सप्रेसवे पर हर 500 मीटर पर रेनवॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम के साथ ड्रिप इरिगेशन की सुविधा होगी। यह देश के कई दूसरे एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इस एक्सप्रेसवे पर नर्मदा नदी पर 8 लेन का ब्रिज बनाया जाएगा जो देश में अपनी तरह का पहला पुल होगा। यह देश का पहला एक्सप्रेसवे होगा जिसमें जंगली जानवरों के लिए वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर होंगे।

जब से मोदी सरकार ने सत्ता संभाली है तब से ही विकास के हर काम को तेजी से किया जा रहा है। खासकर देश की इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर तभी तो देश में नये नये पुल तैयार हो रहे है तो नई नई टनल बन रही है जिससे देश विश्व स्तर पर चमक उठे।