दिल्ली-देहरादून हाइवे: एशिया के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ मार्ग जहां गाड़ियों से नहीं रुकेगा जानवरों का रास्ता

पिछले 7 सालों से ना केवल विकास की नई नई कहानी लिखी जा रही है बल्कि कुछ ऐसा काम भी किया जा रहा है जो देश में पहली बार हो रहा है। इसी क्रम में अब पीएम मोदी ने दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक का शिलान्यास किया। इस हाइवे की खास बात ये है कि ये एशिया के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ से गुजरेगा और इसी को ध्यान में रखकर इसमें जानवरों के निकलने की भी व्यवस्था की गई है।

ये सड़क एशिया के सबसे बड़े वाइल्ड लाइफ रास्ते को कवर करेगी

नए कॉरिडोर को 100 किमी/घंटा रफ्तार पर वाहन चलाने के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। दिलचस्प है कि ये सड़क एशिया के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ रास्ते को कवर करेगी जिसकी लंबाई करीब 12 किमी होगी। जंगली जानवरों को कोई खतरा ना हो, इसीलिए देहरादून के नजदीक स्थित डाटकाली मंदिर के पास 340 मीटर लंबी टनल बनाई जा रही है। जंगली जानवर दुर्घटना के शिकार ना हो जाएं इस बात को ध्यान में रखते हुए गणेशपुर-देहरादून मार्ग पर अच्छी व्यवस्था की जाने वाली है। ये हाइवे 4 हिस्सों में तैयार किया जाएगा। इतना ही नही इस कॉरिडोर में हर 25-30 किमी पर जरूरत का सामान मिलने की व्यवस्था भी प्लान है। टोल नाका एक भी नहीं होगा और पूरी यात्रा का टोल शुल्क आपसे फास्टैग के जरिए वसूला जाएगा। इस हाइवे से बाहर निकलने के लिए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ौत में बड़े इंटरचेंज की व्यवस्था की जाएगी। इस मार्ग पर हर 500 मीटर के बाद बारिश के पानी की हार्वेस्टिंग की जाएगी और यहां 400 से ज्यादा वाटर रीचार्ज पॉइंट भी बनाए जाएंगे।

इसके निर्माण से महज 2.5 घंटे का होगा सफर

इस हाइवे के तैयार हो जाने के बाद दिल्ली से देहरादून बेहद खास और रोमांचक और रफ्तार से भरा होने वाला है। इस प्लान के तहत नया मार्ग दिल्ली से देहरादून को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए जोड़ेगा। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी और इस सफर को तय करने में लगने वाला समय दोनों व्यापक रूप से कम होगा। इस रोड से दोनों शहरों के बीच की दूरी 25 किमी घटकर 210 किमी रह जाएगी और ये सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वैसे भी पीएम मोदी कई मंचों से ये साफ कर चुके हैं कि नया भारत अब तेज गति से भाग रहा है और तेजी के साथ ही भागता रहे इसके लिये सरकार तेजी से काम कर रही है जिसमें एक मील का पत्थर और दिल्ली देहरादून हाइवे के जरिये रख दिया गया है जिससे परिवहन को एक नया मुकाम मिलेगा तो पहाड़ों से मैदानी रास्तों का मिलाप भी तेजी के साथ होगा।