यूपीए-2 के कारण चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में विलम्ब – पूर्व इसरो प्रमुख माधवन नायर

UPA regime delayed Chandrayaan-2

इसरो 15 जुलाई को चंद्रयान 2 लांच करने की तैयारी में है| ऐसे में पूर्व इसरो प्रमुख जी माधवन नायर ने पूर्व UPA सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं| माधवन नायर ने बताया कि चंद्रयान 2 को लांच करने की योजना 2012 में ही थी लेकिन कुछ सरकारी नीतियों के कारण ऐसा हो नहीं पाया|

क्या कहा नायर ने?

Ex_ISRO_Chief_Madhvan_Nair

नायर के मुताबिक चंद्रयान 2 को लांच करने का लक्ष्य साल 2012 के अंत तक का था| चंद्रयान प्रथम की कामयाबी के बाद अगस्त 2009 में ये इसरो ने ये लक्ष्य निर्धारित किया था| 2007 में रुसी एजेंसी रॉसकॉसमॉस के साथ इस अभियान में काम करने की सहमति बनी थी, सहमति के अनुसार रॉसकॉसमॉस इसरो को चंद्रयान 2 अभियान के लिए लैंडर बनाकर देने वाला था|

साल 2008 में सरकार से इस अभियान के लिए अनुमति मांगी गयी और तय समय सीमा के अनुसार इसरो ने अपनी तरफ से चंद्रयान 2 का डिजाईन भी बना लिया लेकिन UPA-2 सरकार के नीतिगत फैसलों से लांचिंग टल गयी| बाद में जब दुबारा लक्ष्य जनवरी 2013 का रखा गया तो रॉसकॉसमॉस समय पर लैंडर नहीं दे पायी और बाद में रुसी एजेंसी ने इस प्रोजेक्ट से किनारा कर लिया| तब जाकर फिर इसरो ने खुद ही स्वदेशी लैंडर बनाया और चंद्रयान 2 का लांच मार्च 2018 तय किया गया|

नायर ने UPA सरकार पर मंगलयान मिशन को भी चुनावी फायदे के लिए देर करने का आरोप लगाया|

उल्लेखनीय है कि जी माधवन नायर 2003 से 2009 तक इसरो के प्रमुख रहे थे| उन्ही की अगुवाई में 22 अक्टूबर 2008 को प्रथम चंद्रयान मिशन लांच हुए हुआ था| पिछले साल अक्टूबर में वो बीजेपी में शामिल हो गए थे|