डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन(डीआरडीओ) लगातार सेना के लिए बना रही है अचूक हथियार

चीन और पाकिस्‍तान से मिल रही चुनौतियों को देखते हुए भारत रक्षा क्षेत्र को मजबूत बना रहा है। ऐसे में डीआरडीओ ने होवित्जर तोप का सफल परीक्षा किया है, जो कि दुश्‍मनों को मुंहतोड़ जवाब देगी। ओडिशा के बालासोर में इस स्वदेशी तोप का  सफल परीक्षण किया गया।

तोप बनाने में आत्मनिर्भर हुआ भारत

मोदी राज में भारत हर रोज नए भारत की इबारत लिख रहा है। डीआरडीओ के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा कि भारत में बनीं ATAGS होवित्जर भारतीय सेना की 1800 आर्टिलरी गन सिस्टम की पूरी आवश्यकता को पूरा कर सकती है और इस क्षेत्र में विदेशी वस्तुओं की खरीद की कोई आवश्यकता नहीं है। एडवांस टायर्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सीनियर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के वैज्ञानिक शैलेन्द्र वी गडे ने कहा कि गन सिस्टम बोफोर्स और दुनिया में इसराइल की ATHOS बंदूक सहित भारतीय सेना के किसी भी अन्य आर्टिलरी गन की तुलना में कहीं बेहतर है। एडवांस टायर्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) DRDO द्वारा विकसित किया गया है और इसे दो भारतीय कंपनी फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है। यह पहले ही चीन सीमा के पास सिक्किम और पाकिस्तान सीमा के पास पोखरण जैसी जगहों पर 2,000 से अधिक राउंड फायर कर चुकी है। गौरतलब है कि भारतीय सेना को 1580 तोपों की आवश्यकता है और इसके अलावा उन्हें 150 एटीएजीएस और 114 धनुष तोपों की आवश्यकता है। इसलिए कुल 1,800 तोपों की आवश्यकता है। जिस तरह से एटीएजीएस प्रदर्शन कर रहा है और ऊपर आ रहा है, यकीन है कि 1,800 तोपों की इस पूरी जरूरत को इससे ही पूरा किया जा सकता है।

डीआरडीओ लगातार नये अविष्कार से सेना को बना रही मजबूत

जब से चीन सीमा पर विवाद चल रहा है भारत विदेश से  ही नही बल्कि खुद भी सेना को आत्मनिर्भर बनाने में लगा है। खासकर डीआरडीओ लगातार कुछ न कुछ ऐसे सफल परीक्षण करने में लगा हुआ है जिससे सेना मजबूत हो रही है, आंकड़ो पर नजर डाले तो पिछले 6 महीने से लगातार डीआरडीओ मिसाइल परीक्षण हो या फिर दूसरे हथियार सभी का सफल परीक्षण करके सेना को मजबूत कर रही है।  फिर वो नाग मिसाइल हो या पृथ्वी मिसाइल इतना ही नही आकाश मिसाइल के कई वर्जनो का इस बीच टेस्ट किया गया है तो घरेलू ड्रोन का भी सफल परीक्षण हुआ है। इसके साथ सेना के टेंट हो या फिर जूते या कपड़े डीआरडीओ  ने इसके लिये भी काम किया जिसका असर ये हुआ है कि आज भारतीय फौज लद्दाख में चीन को मुंह तोड़ जवाब इतनी ठंड में दे रही है।

ऐसा बस इसलिये हो रहा है क्योकि मोदी सरकार ने प्रण ले रखा है कि वो जवान और किसान की हर जरूरत को पूरा करके दम लेगी इसके लिये सरकार ने लगातार सरकारी खजाने का मुंह भी खोल दिया है जिसका नतीजा ये हो रहा है कि डीआरडीओ को रिसर्ज करने के लिए पूरा पूरा पंड मिल रहा है और फौज आत्मनिर्भर बनती जा रही है।