मोदी राज में पड़ोसी के साथ समंदर पार देशों से भी हुई गहरी दोस्ती

देश में कुछ लोग ऐसा माहौल बना रहे है कि भारत का अपने पड़ोसी देश या मित्र देशों से संबध खराब हो रहे है। जबकि इसके उल्ट भारत का दूसरे देशों से संबध बेहतर हुआ है। इसका जीता जागता सबूत बांग्लादेश में हुआ उनका गर्मजोशी से स्वागत बता रहा है। जहां खुद बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना उनके स्वागत में पहुंची, दुनिया को ये संदेश भी दिया कि भारत बांग्लादेश दोनो के बीच दोस्ताना पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।

मोदी जी के दौरे से दोनो देश और करीब आये

पीएम मोदी का बांग्लादेश पहुंचने पर हुआ गर्मजोशी भरा स्वागत ये साफ बता रहा है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कितने मजबूत है और ये उन लोगों के लिये एक झटका भी है जो ये सोचते थे कि NRC  लागू करने के बाद भारत से कुछ मनमुटाव जरूर बांग्लादेश का हुआ है लेकिन आज वो इस दोस्ती को देखकर जरूर समझ गये होगे कि मोदी जी की पड़ोसी फस्ट की रणनीति के आगे उनकी सोच बहुत छोटी है। वैसे पीएम शेख हसीना भी कई बार ये बोल चुकी है कि भारत के साथ संबध खराब करके वो किसी से रिश्ते नही बनाना चाहेगी। बांग्लादेश हमेशा से ही भारत को अपना बड़ा भाई बनता रहा है और भारत भी बड़े भाई की भूमिका को खूब अच्छे से निभाता आया है। तभी तो कोरोना वैक्सीन बनते ही भारत ने बांग्लादेश को तुरंत 90 लाख वैक्सीन भेजा तो और वैक्सीन देने की घोषणा भी भारत ने की है। इसी तरह हाल ही में भारत ने बांग्लादेश के बीच के दूरी कम हुई है और वो मैत्री सेतु का से हुई है जो त्रिपुरा में बनाया गया है। इस दौरे के साथ भी कयास लगाया जा रहा है कि दोनो देशों के बीच 5 बड़े समझौते हो सकते है जो दोनो देसों के लिये बेहतर कल का निर्माण करेगे।

अफवाहबाजों से रूस और श्रीलंका से भी संबध खराब की अफवाह उड़ाई

जिस तरह बांग्लादेश के साथ संबध खराब होने की बात फैलाई गई वैसे ही कुछ अफवाहबाजो ने मोदी सरकार के काम से बौखलाकर चीन और श्रीलंका के साथ भी संबध खराब होने का अफवाह फैलाया। जबकि इसके इतर श्रीलंका भारत को अपना सबसे बड़ा बंदरगाह काम करने के लिए देने जा रहा है तो दूसरी तरफ रूस को लेकर भी अफवाह फैलाया गया कि रूस ने सालाना होने वाली बैठक इसलिए रद्द की क्योकि उसे भारत का क्वाड देश के करीब आना अच्छा न लगा जबकि हकीकत ये है कि ये बैठक कोरना महामारी के चलते टाली गई है। वही रूस को लेकर एक आरोप ये भी लगा कि रूस ने भारत को अफगान शांति वार्ता से बाहर कर दिया। जबकि रूस की मीडिया ने इसे फेक न्यूज बताया। जो ये बता रहा है कि भारत की विदेश नीति आज किस तरह की है

मोदी जी को विश्व के सभी देश पंसद कर रहे है फिर वो सामवादी हो या फिर यूरोप के लिबरल क्यो न हो। मोदी राज ही है कि आज साउदी अरब हो या इजराइल या फिर फिलिस्तीन हो सभी से मधुर संबध बन रहे है। ऐसे संबध जो हर तरह की मदद एक दूसरे को करने में लगे हुए है। वही अमेरिका फ्रांस और ब्रिटेन भी भारत का पलक बिछाकर स्वागत कर रहे है।