मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का कार्यकाल खत्म होने के पहले आएगा राम मंदिर निर्माण पर फैसला

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Decision on construction of Ram temple

बीते कल में अयोध्या राम जन्मभूमि राम मंदिर निर्माण मामले की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमेटी को भंग करते हुए बड़ा फैसला लिया और कहा की 6 अगस्त से इस मामले की सुनवाई रोज होगी | इस फैसले के साथ ही कयास ये भी लगाये जा रहे है की इस मामले में जो भी फैसला होगा वो इसी साल नवम्बर में आ जायेगा |

ऐसा अनुमान इसलिए लगाया जा रहा है क्योंकि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के मुख्या न्यायधीश रंजन गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर तक है और 17 नवम्बर को रविवार भी है यानि की एक तरह से देखे तो 16 नवम्बर उनके कार्यकाल का आखिरी दिन होगा और राम मंदिर निर्माण मामले में फैसला भी 16 नवम्बर तक आ जाना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता है तो ये मामला नयी बेंच के पास चला जायेगा और पुर मामले की सुनवाई शुरुआत से करनी होगी |

चलिए आपको बताते है की सुप्रीम कोर्ट के अनुसार कितने दिन मिलेंगे इस मामले की सुनवाई के लिए | सुप्रीम कोर्ट यानि की उच्चतम न्यायालय के कैलेंडर के अनुसार 6 अगस्त से लेकर 17 नवंबर तक कोर्ट के पास कुल 102 दिन होंगे जिनमे 16 छुट्टियां हैं, 29 शनिवार रविवार हैं, 27 सोमवार और शुक्रवार तथा 30 मंगल, बुध व गुरुवार हैं | यानि की अगर कार्य के दिनों को जोड़ा जाये तो न्यायालय के पास कुल 57 दिन है |

आपको बता दे की सुप्रीम कोर्ट में सोमवार और शुक्रवार को नए मामलों की सुनवाई के लिए तय किया गया है | 57 दिनों में पीठ यदि नियमित दिनों यानी मंगलवार से गुरुवार तीन दिन तक इस मामले पर सुनवाई करती है तो कोर्ट के पास कुल 30 दिन होंगे जिसमे उसे इस मामले पर अंतिम फैसला लेना होगा |

वहीँ अगर कोर्ट सोमवार और शुक्रवार को नियमित दिनों में शामिल कर सुनवाई करे तो इस मामले की सुनवाई के लिए उसके पास 57 दिन होंगे | लेकिन सोमवार और शुक्रवार को नियमित दिनों में शामिल करना है या नहीं इस बात का फैसला मुख्य न्यायाधीश के हाथ में है |

 


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