दुख के दिन बीते रे भइया, अब भारत की इकोनॉमी में सुख के दिन आयो रे…

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का असर अब दिखने लगा है तभी आर्थिक विकास का पैमाना मानी जाने वाली सकल घरेलू विकास दर यानी जीडीपी के ताजा आंकड़े देश में नये जोश भरने वाले है। मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक जीडीपी 0.4 प्रतिशत दर्ज की गई जो ये बताती है कि इकोनॉमी को लेकर सरकार के कदम सही तरफ चल रहे है।

मंदी से उबरती अर्थव्यवस्था

पिछले दो तिमाही में विकास दर नकारात्मक रहने के कारण तकनीकी तौर पर देश मंदी से ग्रस्त मान लिया गया था, इसलिए अब वह उससे बाहर भी आ गया। वैसे तो देश को मंदी से बाहर आना ही था, लेकिन उस पर मुहर लगने का विशेष महत्व है। जीडीपी के ताजा आंकड़े सकारात्मक माहौल का निर्माण करने और इस भरोसे को बल देने वाले हैं कि आने वाला समय और बेहतर होगा। खासकर उस वक्त जब देश में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर कई सवाल खड़े किये जा रहे हैं। हालाकिं इस सवालों के बीच जिस तरह से मोदी सरकार ने किसान और छोटे कारोबारियों को उबारा है उसी का फल है कि आज भारत की इकोनॉमी को लेकर रफ्तार अच्छी होती दिख रही है। जिसका नतीजा भी आपके सामने आ रहा है। भारत में विदेशी निवेश बढ़ रहा है तो अब भारत निर्यात की जगह आयात ज्यादा सामान कर रहा है। खासकर चीन की बात करे तो अब देश चीन का माल कर खरीदा जा रहा है जबकि चीन में भारत का सामान खूब जा रहा है जो हर भारतीय के लिये एक बढ़िया कदम है।

विश्व के आर्थिक संगठन भारत की विकास दर में उछाल का कर रहे दावा

जिस तरह के नतीजे सामने आ रहे है उसके बाद अब विश्व की विभिन्न एजेंसियों भी ये अनुमान लगा रही है कि भारत की विकास की रफ्तार बहुत अच्छा रहने वाला है। जहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने यह अनुमान लगाया है कि आगामी वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हासिल कर सकती है, वहीं रेटिंग एजेंसी मूडीज का आकलन है कि विकास दर 13.7 प्रतिशत हो सकती है। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और मूडीज, दोनों ने ही अपने अनुमान में सुधार कर पहले के मुकाबले अधिक विकास दर रेखांकित की है। उल्लेखनीय यह भी है कि आगामी वित्त वर्ष भारत दुनिया में सबसे तेज विकास दर वाला देश होगा। इससे भारत की आर्थिक क्षमता का तो पता चलता ही है, यह भी संकेत मिलता है कि पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बनने का लक्ष्य अभी भी हासिल किया जा सकता है। इस बीच देस में तेजी से रोजगार बढ़े इस पर भी ध्यान देन होगा तो मंहगाई की दर कम हो इस बाबत तब सोचना है साथ ही  इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि भारत में करोड़ो लोगों को फ्री में वैक्सीन भी देनी है और विकास दर तेज हो इसके साथ लोगो तक सब्सिडी की सुविधा भी जारी रहे जिससे आम लोगो को फायदा मिलता रहे। इन सब के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिये काम करना होगा। जो मोदी सरकार कर रही है।

फिलहाल विकास दर के ताजे नतीजो से सकरात्मकता का भावो साफ दिख रहा है। बस इस भावो को हमे जीवित रखना है। इसके लिये मोदी सरकार पर विश्वास तो देश में अफवाह फैलाने वालो से सावधान रहना होगा जिससे देश का माहौल खराब न हो और देश तेजी से मजबूत होता जाये।